नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने बजट सत्र को लेकर होने वाली बैठक को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है. अंशु प्रकाश ने बजट सत्र पर मंत्री परिषद की आज होने वाली बैठक को लेकर लिखे पत्र में सीएम से कहा है कि वह बैठक में तभी शामिल होंगे जब सीएम आश्वासन दें कि अधिकारियों पर किसी तरह का शारीरिक हमला और बदसलूकी ना हो. बता दें कि मुख्य सचिव से मारपीट के मामले में अब तक सुलह नहीं हो सकी है और अधिकारी दिल्ली सरकार की बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं.

19 फरवरी को रात 12 बजे मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को सीएम आवास पर बैठक के लिए बुलाया गया था. इस दौरान उनके साथ कथित तौर मारपीट और बदसलूकी हुई. इस मामले में मुख्य सचिव ने खुद एफआईआर करवाई जिसके बाद दो आप विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने इन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया. गिरफ्तार की कार्रवाई के बाद भी आईएएस एसोसिएशन संतुष्ट नहीं है और उसकी मांग है कि सीएम और डिप्टी सीएम इस पर माफी मांगें.

मुख्य सचिव से मारपीट मामले में आप विधायकों को भेजा गया तिहाड़ जेल

इस मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एलजी से रिपोर्ट भी तलब करनी पड़ी. वहीं, केजरीवाल ने एलजी से मुलाकात कर अधिकारियों के असहयोग का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के बैठक में ना आने से इन्हें रद्द कर देना पड़ा है और कई काम अटके पड़े हैं. एलजी ने केजरीवाल को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर अधिकारियों से बात करेंगे. साथ ही नसीहत दी कि अधिकारियों से इस तरह का बर्ताव करना अनुचित है.

उधर, आईएएस ज्वाइंट फोरम सीएम और डिप्टी सीएम के रवैये से नाखुश है. फोरम का कहना है कि अब तक सीएम और डिप्टी सीएम घटना को लगातार नकार रहे हैं. दोनों को इस घटना पर माफी मांगनी चाहिए. इसके विरोध में अधिकारी बांह पर काली पट्टी बांधे काम कर रहे हैं. वहीं, आप का कहना है कि उस रात मुख्य सचिव से मारपीट की कोई घटना नहीं हुई थी, थोड़ी बहस जरूर हुई थी. इस बीच एक और आप विधायक ने एक रैली में यह कहकर विवाद को और हवा दे दी कि जनता का काम नहीं करने वाले अधिकारियों की पिटाई होनी ही चाहिए.