नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन से ‘काफी हद तक’ इनकार कर दिया है. उनका यह बयान तब आया है जब उन्होंने एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के साथ एक बैठक में भाग लिया. कांग्रेस के साथ गठबंधन पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उसने आप के साथ गठबंधन से ‘काफी हद तक’ इनकार कर दिया है. यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए आप ज्यादा उत्सुक हैं, इस पर उन्होंने कहा कि त्रिपक्षीय मुकाबले से भाजपा को फायदा मिलेगा. केजरीवाल ने कहा कि हमारे मन में देश को लेकर बहुत ज्यादा चिंता है, उसी वजह से हम लालायित हैं. कांग्रेस ने (गठबंधन) लगभग मना कर दिया है.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्त भाजपा रोधी मोर्चे पर आगे बढ़ते हुए राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के शीर्ष नेता मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने और चुनाव पूर्व गठबंधन बनाने पर विचार करने के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने के वास्ते एक साथ मिलकर काम करने पर बुधवार को राजी हुए हैं. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने अपने आवास पर बैठक की मेजबानी की. बैठक में कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और केजरीवाल पहली बार एक साथ दिखे. गांधी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी नेताओं ने एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाए जाने पर सहमति जताई.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वार्ता को सकारात्मक बताया था और कहा कि विपक्ष साथ मिलकर काम करेगा. आप के 2015 में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से दोनों ही दल एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक को ‘‘फलदायी’’ करार दिया और कहा कि ‘‘हम चुनाव पूर्व गठबंधन करेंगे. तेदेपा प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत को बचाने की एक लोकतांत्रिक मजबूरी है जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला ने बैठक को ‘अच्छा’ करार दिया.