नई दिल्लीः दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने दिल्ली में कोरोना महामारी के आंकड़े पेश किए. सीएम केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बतााया कि, दिल्ली में कोरोना के 75 फीसदी मामले हल्के लक्षण वाले हैं. Also Read - 31 मई के बाद दिल्ली में खुल जाएंगे धार्मिक स्थल और मॉल में दुकानें! दिल्ली सरकार ने दिए संकेत

दिल्ली में अभी तक कोरोना से जितनी भी मौते हुई हैं, उनमें 82 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिनकी उम्र 50 साल से ऊपर है. केजरीवाल के मुताबिक, क्षेत्र में मरने वालों में अधिकतम वृद्ध हैं, इसलिए इस महामारी के दौर में बुजुर्गों का खास ख्याल रखना होगा. Also Read - यूपी में कोरोना के 275 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 7,445 हुआ, बढ़ी मृतकों की संख्‍या

सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में कोरोना के लगभग 7000 मामलों में से लगभग 1500 मरीज अस्पताल में हैं. इनमें से अधिकतर मामले ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण ही थे. कोरोना से हो रही मौतों में अधिकतर बुजुर्ग हैं.’ सीएम केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना के 91 मरीज अभी आईसीयू में हैं, जिनकी हालत गंभीर है. वहीं 27 मरीज वेंटिलेटर पर हैं. करीब 2069 मरीज ऐसे हैं, जो ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस के अधिग्रहण के लिए भी आदेश जारी किए हैं. उन्होंने बताया कि सरकारी एम्बुलेंसों की कमी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जब सरकार को निजी एम्बुलेंसों की सेवा की जरूरत होगी तो उन्हें काम करना होगा.’’

अरविंद केजरीवाल ने प्रवासी मजदूरों के बारे में कहा कि उनकी हालत देखकर हमें काफी बुरा लग रहा है और सरकार प्रवासी मजदूर भाइयों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने प्रवासी मजदूरों से अपील की कि वे जहां है वहीं रहें और हजारों किमीलीटर की दूरी पैदल न तय करें.