नई दिल्ली: देश में कोरोना महामारी अपने चरम पर जा रही है. ऐसे में राजधानी दिल्ली कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट बन चुका है. इस बाबत अरविंद केजरीवाल ने राज्य के हालात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि दिल्ली में बेड्स की कमी के कारण कोरोना मरीजों की संख्या और मौत के आंकड़ों में वृद्धि हुई है. 15 मई के बाद से कोरोना के आंकड़ों मे तेजी देखने को मिली है. Also Read - Maharashtra News Today 2 July 2020 : मुंबई-ठाणे में एक दिन में कोरोना से 105 लोगों की मौत, थमने का नाम नहीं ले रहा आंकड़ा!

इस बाबत बोलते हुए केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में केंद्र सरकार की मदद से 40 फीसदी तक बेड्स की संख्या को बढ़ा दिया गया है. दिल्ली में अब कुल 13,500 बेड्स की व्यवस्था हो चुकी है. इनमें से आधे बेड्स अब भी खाली हैं. इसी मामले पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मदद के लिए शुक्रिया करना चाहते हैं. Also Read - एक महीने बाद कोरोना से जंग जीत गई एक्ट्रेस मोहिना कुमारी, ताज़ा रिपोर्ट आया निगेटिव

सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि जब दुनियाभर में कोरोना वायरस फैल रहा था उस वक्त भारतीय अपने देश आना चाहते हैं. केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत लाया गया. इस दौरान 35 हजार लोग दिल्ली में आए. यहां एयरपोर्ट पर इन लोगों की स्कैनिंग की गई. इसके बाद इन्हें क्वारंटीन करने व इलाज के उद्देश्य से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाकियों को ठीक पाए जाने पर घर भेज दिया गया. इसके बाद ये अपने-अपने घर गए और इनसे कोरोन फैला.

केजरीवाल ने आगे कहा कि देश में जब लॉकडाउन खत्म होने वाला ता तो हमें पता था कि राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिलेगी. साथ ही बेड ककी समस्या से हम जून के पहले हफ्ते से ही जूझ रहे हैं. ऐसे में हमारे पास दो ही विकल्प शेष थे. या तो हम दोबारा लॉकडाउन लगाते. क्योंकि इससे कोरोना संक्रमण कंट्रोल में था. या फिर हम कोरोना से लड़ते. इस लड़ाई में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए केजरीवाल ने उन्हें धन्यवाद भी किया.