नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में रविवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेताओं और वामपंथी छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आयशा घोष सहित कई अन्य विद्यार्थी बुरी तरह से घायल हो गए. घायल छात्रों को AIIMS में भर्ती कराया गया. AIIMS ट्रॉमा सेंटर के अधिकारी के मुताबिक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से 18 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दौरान कई घायलों के सिर से खून बह रहा था. वहीं इस घटना के बाद घायल छात्रों से निलने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंची. छात्रों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने एक के बाद एक दो ट्वीट किए। उन्होंने लिखा-  “एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्रों ने मुझे बताया कि गुंडों ने परिसर में प्रवेश किया और उन पर लाठी और अन्य हथियारों से हमला किया. कई के सिर पर व शरीर पर चोट के निशान थे। एक छात्र ने कहा कि पुलिस ने उसके सिर पर कई बार मारा. यह किसी सरकार के बारे में बेहद ही शर्मनाक है कि उसने अपने ही बच्चों पर हिंसा होने दी.”

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “मोदी-शाह के गुंडे’ हमारे विश्वविद्यालयों में उपद्रव कर रहे हैं, हमारे बच्चों में भय फैला रहे हैं. भाजपा नेता मीडिया में ऐसा दिखा रहे हैं कि जेएनयू में हिंसा करने वाले उनके गुंडे नहीं थे.”

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें देखा जा सकता है कि नकाबपोश छात्रों पर हमला कर रहे हैं. एक वीडियो में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आयशी घोष के शरीर से खून निकलता देखा जा सकता है. खबरों के अनुसार, लोहे की रोड से उसकी आंख पर हमला किया गया. प्राथमिक उपचार के लिए उसे पास के अस्पताल ले जाया गया है.

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार रात हुई हिंसा पर निराशा जाहिर की और कहा कि यह उस डर को दिखाती है जो “हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतों को” छात्रों से लगता है. उन्होंने ट्वीट किया, “नकाबपोश लोगों द्वारा जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर किया गया नृशंस हमला चौंकाने वाला है जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतें, बहादुर विद्यार्थियों की आवाज से डरती हैं. जेएनयू में आज हुई हिंसा उस डर को दर्शाती है.”