नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के 792 नए मामले सामने आए. यह मामलों में अभी एक दिन में सबसे अधिक वृद्धि है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 303 हो गई जबकि कुल मामले बढ़कर 15,257 हो गए हैं. इससे पहले मामलों में सबसे अधिक वृद्धि 22 मई को हुई थी जब 660 नये मामले सामने आये थे. Also Read - कोरोना महामारी के बीच दिल्ली सरकार ने शुरू किया 'Learning with human feel', स्कूल बंद के दौरान भी जारी रहेगा पढ़ाई 

उसने हालांकि यह भी बताया कि मृतकों की सूची में वही लोग शामिल हैं जिनकी मौत प्राथमिक तौर पर कोरोना वायरस की वजह से हुई है. यह संख्या मृत्यु लेखा-जोखा समिति द्वारा विभिन्न अस्पतालों से हासिल किए गए आंकड़ों के आधार पर है. Also Read - Delhi Coronavirus News 2 July 2020: दिल्ली में प्लाज्मा बैंक शुरू, जानिए कौन लोग दान कर सकते हैं प्लाज्मा

समिति का गठन इस महीने की शुरुआत में किया गया था ताकि मौतों के कारणों की जांच की जा सके क्योंकि दिल्ली सरकार को उसके आंकड़े और अस्पतालों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के बीच अंतर होने के चलते आलोचना का सामना करना पड़ा था. Also Read - मनीष सिसोदिया बोले- दिल्ली में सुधरेंगे हालात, जुलाई तक साढ़े 5 लाख कोरोना मामले नहीं होंगे

एक अन्य घटनाक्रम में सफदरजंग अस्पताल ने दिल्ली सरकार द्वारा गठित मौतों का लेखा-जोखा रखने वाली समिति को सौंपी रिपोर्ट में बीते दो महीने में 52 लोगों की मौत के बारे में जानकारी दी है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

सूत्रों ने कहा कि समिति अस्पताल से मिली रिपोर्ट को देखेगी. इस रिपोर्ट में मृतकों की मौत की वजहों का जिक्र है जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मौत कोविड-19 की वजह से हुई है या नहीं. एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, “अब तक अस्पताल ने कोविड-19 के कारण हुई चार मौत की रिपोर्ट भेजी थी.” सूत्रों ने कहा कि इससे शहर में मृतक संख्या में काफी बदलाव हो सकता है.

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार के अधिकारी बार-बार कोविड-19 से हुई मौत की जानकारी एकत्र करने वाली टीम को बदल रहे हैं जिसकी वजह से उनके खुद के कर्मियों में “संवादहीनता” की स्थिति है. सिंह ने कहा कि अस्पताल दैनिक आधार पर मृतकों की संख्या की जानकारी दे रहा है और एक फरवरी से 16 मई तक के संचित आंकड़े को गलत तरीके से एक दिन में हुई मौत का आंकड़ा समझ लिया गया जो बेहद त्रुटिपूर्ण था.

उन्होंने कहा कि एक फरवरी से 16 मई तक दिल्ली सरकार को कोविड-19 संबंधित 53 मौत की जानकारी दी गई थी और 16 मई से 26 मई के बीच 16 और लोगों की जान गईं जिसकी वजह से अस्पताल में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या अब तक कुल 69 हुई. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अचानक कोविड-19 से होने वाली मौतों में तेजी को लेकर अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा था और उसे उसी के मुताबिक जानकारी उपलब्ध कराई गई.

स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार अभी तक सामने आये कुल 15,257 मामलों में से कम से कम 2,118 विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं जैसे एलएनजेपी, आरएमएल, सफदरजंग अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल और एम्स, झज्जर. इनमें से 191 आईसीयू में और 32 वेंटीलेटर पर हैं. दिल्ली में ऐसे मरीजों की संख्या 7,690 हैं जिनका अभी इलाज चल रहा है.

ताजा मामलों में दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी शामिल हैं. इससे पहले दिल्ली पुलिस के एक आईपीएस संक्रमित पाये गए थे. उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय के एक कनिष्ठ सहायक भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं. नये मामलों में एनडीएमसी के तीन कर्मचारी भी शामिल हैं. इसके चलते एनडीएमसी ने लुटियन दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय इमारत का एक मंजिल सील कर दिया. साथ ही इसने गोल मार्केट में एक उस इमारत का एक हिस्सा भी सील कर दिया जिसमें उसका कार्यालय स्थित है.

दिल्ली में निरुद्ध क्षेत्रों की संख्या 91 से बढ़कर 96 हो गई है. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 1000 से अधिक सरकारी स्कूलों के प्रचार्यों से संवाद किया और स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में योजना के बारे मे चर्चा की. लॉकडाउन के चलते स्कूल दो महीने से अधिक समय से बंद हैं.

सिसोदिया ने कहा, ‘‘हम एक बहुत वृहद योजना प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं क्योंकि हमें कोई भी निर्णय लेने से पहले कई कारकों को ध्यान में रखना होगा. सवाल एक दूसरे से दूरी बनाये रखने, सेनिटाइजेश और किसी स्कूल के एक वर्ग की कक्षाओं को बुलाना और दूसरे को बुलाने का ही नहीं है.’’