नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने ग्रेटर नोएडा में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से संबंधित कथित धोखधड़ी मामले में रियल एस्टेट फर्म यूनीटेक लिमिटेड के प्रमोटरों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग ने उन्हें 85 साल की एक महिला द्वारा दर्ज प्राथमिकी के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में भेजा. महिला ने 2006 में बुक कराए गए एक अपार्टमेंट कब्जा नहीं देने के कारण फर्म और इसके निदेशकों द्वारा कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

साल 2016 में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया कि मार्च 2006 में यूनीटेक लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक रिहायशी प्रोजेक्ट की पेशकश की जिसे उन्होंने 43 लाख रुपये में बुक किया.

इसमें दावा किया गया कि इस राशि में से उन्होंने फ्लैट के लिए 41 लाख रुपये खर्च किए. यह फ्लैट खरीददार सह आवंटन पत्र के अनुसार अप्रैल 2008 तक उन्हें दिया जाना था.  चंद्रा बंधुओं पर  धारा 120 बी (आपराधिक साजिश),धारा  420 (धोखाधड़ी) और धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत अपराधों का आरोप लगाया गया है.