नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 2013 में पूर्वी दिल्ली में पांच साल की एक बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म (gang rape) के मामले में फैसला सुनाने के लिए 18 जनवरी का दिन तय किया. बता दें कि दिल्‍ली में दिसंबर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप के चार माह बाद हुए इस बर्बर कांड ने दोबारा लोगों को आक्रोशित कर दिया था.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा ने आज बुधवार को फैसला नहीं सुनाया. इस मामले में आज फैसला सुनाए जाने की संभावना थी, लेक‍िन कोर्ट ने फैसले के लिए 18 जनवरी का दिन तय किया है.

पूर्वी दिल्ली में 15 अप्रैल 2013 को पांच वर्षीय लड़की से दुष्कर्म किया गया था. आरोपियों ने उसके साथ बर्बरता भी की थी. आरोपी मनोज शाह और प्रदीप बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसे मरा समझकर वहीं छोड़कर भाग गए थे. बाद में दोनों को दिल्ली पुलिस ने 2013 में बिहार से गिरफ्तार कर लिया था.

बता दें कि कोर्ट ने निर्भया मामले में चारो दोषियों को फांसी देने के लिए डेथ वारंट में 22 जनवरी तय की है, लेकिन मामला कानूनी उलझनों में फंसता हुआ नजर आ रहा है. दिल्ली सरकार ने निर्भया के गुनहगार की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की है.

इस मामले में बुधवार को दिल्ली सरकार ने 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मृत्युदंड का सामना कर रहे चार गुनहगारों में एक मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की है.

सूत्रों ने बुधवार को बताया कि 32 वर्षीय मुकेश सिंह की दया याचिका पर सिफारिश अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी. मुकेश सिंह की ओर से याचिका दायर करने के अगले दिन दिल्ली सरकार ने ये सिफारिशें की है.