नई दिल्ली: दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने सात मई से सोमवार यानी 25 मई तक 196 ट्रेनों से 2.41 लाख लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजा है. उन्होंने कहा कि 18 ट्रेनें आज (मंगलवार) भी करीब 30,000 लोगो को घर ले जाएंगी. उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि भारत सरकार की मदद से ये सफल हो सका. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद सभी प्रवासी मजदूरों के जाने का पूरा इंतजाम देख रहे हैं. हम सभी लोगों को खाने और पानी के साथ भेज रहे हैं ताकि किसी को यात्रा के दौरान परेशानी न हो.Also Read - Delhi's first electric BUS: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ी पहली इलेक्ट्रिक बस, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर लोगों से की अपील

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “अगर कोई दिल्ली में है तो हम उसे दिल्ली का नागरिक मानते हैं. फिर भी कई लोग अपने घरेलू शहर लौटना चाहते थे.” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली से 196 स्पेशल श्रमिक ट्रेन के ज़रिए 2,41,169 लोगों को उनके गाँव भेजा जा चुका है. इसमें से 1.25 लाख बिहार गए हैं और 96 हजार उत्तर प्रदेश. आज भी 18 ट्रेन प्रमुखत: बिहार व उप्र के शहरों के लिए क़रीब 30,000 यात्रियों को लेकर जाएँगी.” Also Read - Weekend Curfew in Delhi: राजधानी में अगले 55 घंटे तक गैर-आवश्यक गतिविधियों पर रहेगी रोक

उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को दिल्ली सरकार द्वारा ही स्वास्थ्य जाँच करके बसों से रेलवे स्टेशन पहुँचाया जाता है. सफर के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक यात्री को पानी की बॉटल, ड्राई फ़्रूट व केले आदि भी दिए जाते हैं. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि जिन राज्यों से तालमेल में कोई दिक्कत आई है, दिल्ली सरकार ने ऐसे सभी राज्यों के प्रवासी मजदूरों के टिकट का खर्चा खुद उठाया है. उन्होंने कहा, “हमारी प्रवासी मजदूरों से विनती है कि घर जाने के लिए कोई भी पैदल न निकले. दिल्ली सरकार आपके जाने का पूरा इंतजाम कर रही है. जो लोग घर जाना चाहते है ऐसे सभी लोगों को पूरी सुविधा के साथ सुरक्षित घर भेजा जाएगा.” Also Read - IED in Ghazipur Flower Market: गाजीपुर फूल मंडी में मिले आईईडी में कराया गया नियंत्रित ब्लास्ट

मनीष सिसोदिया ने कहा, “आज दिल्ली के एक झुग्गी में आग लगी थी. करीब 500 लोग उस आग से प्रभावित हुए है. मुख्यमंत्री जी ने उन्हें 25-25 हज़ार की सहायता देने की घोषणा की है. उनके खाने और रहने की व्यवस्था भी दिल्ली सरकार द्वारा की गई है.”