नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में विवादित बयान देने के मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को तीन दिन और भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा को चार दिन तक चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंधित कर दिया है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ठाकुर अगले 72 घंटे तक और वर्मा 96 घंटे तक दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार नहीं कर सकेंगे. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

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दोनों नेताओं पर दिल्ली चुनाव में सामाजिक टकराव फैलाने वाले विवादित बयान देने के कारण चुनाव प्रचार करने पर यह प्रतिबंध लगाया गया है. अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंध की समय सीमा आयोग द्वारा गुरुवार को आदेश जारी करने के साथ ही शुरू हो जाएगी. साथ ही दोनों नेताओं का नाम भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रखे जाने का आदेश भी प्रभावी रहेगा. निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रचारकों की सूची से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा को तत्काल हटाने का आदेश दिया था. ईसी ने आदर्श आचार संहिता तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने के मामले में वर्मा और ठाकुर को नोटिस भी भेजा है. Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

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जनसभा में ठाकुर के ‘गोली मारो गद्दारों को’ बयान का उल्लेख
दिल्ली चुनाव कार्यालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग को भाजपा के स्टार प्रचारकों-वर्मा और ठाकुर- द्वारा आदर्श आचार संहिता का संदिग्ध उल्लंघन किए जाने पर अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी. रिपोर्ट में वर्मा के शाहीन बाग पर बयान देने और धर्मस्थलों से संबंधित उनके ट्वीट के साथ-साथ एक जनसभा में ठाकुर के ‘गोली मारो गद्दारों को’ बयान का उल्लेख किया गया था. वर्मा ने कहा था कि राजधानी में लगभग 500 स्थानों पर सरकारी संपत्ति पर मस्जिद एवं कब्रिस्तान के साथ-साथ हॉस्पिटल और स्कूल बने हैं. उन्होंने कहा कि ये अवैध इमारतें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य सरकारी एजेंसियों की हैं. (इनपुट एजेंसी)