नई दिल्ली: वोट शेयर में थोड़े नुकसान के बावजूद अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी के लिए तैयार है, जबकि भाजपा को वोट शेयर में थोड़ा लाभ होने का अनुमान है. आईएएनएस-सी वोटर एग्जिट पोल के अनुसार, 2015 के विधानसभा चुनाव में आप ने कुल 70 सीटों में से 67 सीटों पर भारी जीत हासिल की थी. आप को 54.3 फीसदी वोट प्राप्त हुआ था, जो 2020 में 50.4 फीसदी रह सकता है. लेकिन आप अभी भी 49 से 63 सीटें जीतने में सक्षम है.

मतदान के दिन, आप का अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर 14 फीसदी आगे रहने का अनुमान है. पिछली विधानसभा में भाजपा के पास केवल तीन सीटें थीं. उसके वोट शेयर 32.2 फीसदी से 36 फीसदी होने का अनुमान है. इसके साथ ही इसके सीटों में 5 से 19 की बढ़ोतरी हो सकती है. मुकाबले में शामिल तीसरी पार्टी कांग्रेस को 9.7 फीसदी के वोट शेयर में थोड़ा नुकसान होने का अनुमान है. कांग्रेस को वोट शेयर नौ फीसदी रह सकता है. इसे शून्य से चार सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस को पिछले चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी.

अन्य पार्टियों का वोट शेयर 3.8 से बढ़कर 4.7 फीसदी होने का अनुमान
अन्य पार्टियों का वोट शेयर, जो 2015 के चुनाव में 3.8 फीसदी था, वह बढ़कर 4.7 फीसदी होने का अनुमान है. लेकिन आप की बढ़त से भारी संख्या में सीटें केजरीवाल को जा रही हैं.