
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
दिल्ली सरकार राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए EV Policy 2.0 लाने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इस नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें आम लोगों को सीधा फायदा पहुंचाने पर खास जोर दिया गया है. इस पॉलिसी का मकसद न सिर्फ प्रदूषण कम करना है, बल्कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल वाहनों का मजबूत विकल्प बनाना भी है. हिदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी बताते हैं कि, यह नीति अब तक की सबसे प्रभावशाली और आक्रामक EV योजना साबित हो सकती है, जिससे दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी.
रिपोर्ट के अनुसार, EV Policy 2.0 में महिलाओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है. ड्राफ्ट प्रस्ताव के मुताबिक, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य तौर पर 21,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जबकि महिला खरीदारों को 30,000 रुपये तक का सीधा लाभ मिल सकता है. सरकार का लक्ष्य अगले तीन सालों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की संख्या को 5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख तक पहुंचाना है. इससे न केवल महिलाओं को सस्ता और सुरक्षित सफर मिलेगा, बल्कि शहर में प्रदूषण भी काफी हद तक कम होगा, जो कि एक बड़ी पहल साबित हो रही है.
इसके अलावा, नई EV पॉलिसी में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को भी राहत देने का प्रस्ताव है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी दी जा सकती है. शुरुआती 27,000 रजिस्ट्रेशन पर बैटरी क्षमता के आधार पर 10,000 रुपये प्रति kWh तक की सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये होगी. सरकार का कहना है कि इसका मकसद लग्जरी कारों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि मिडल क्लास को इलेक्ट्रिक कार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
EV Policy 2.0 की एक खास बात यह है कि इसमें पहली बार रेट्रोफिटिंग को शामिल किया गया है. यानी कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक में बदलता है, तो उसे 50,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. यह सुविधा शुरुआती 1,000 वाहनों तक सीमित होगी. इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए लोन लेने वाले लोगों को 5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव है, जिससे मिडल क्लास और छोटे कारोबारियों को बड़ा फायदा मिलेगा.
नई नीति में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर भी ध्यान दिया गया है. दोपहिया, तिपहिया और हल्के व्यावसायिक वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त इंसेंटिव देने की योजना है. साथ ही, EV Policy 2.0 में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बैटरी, चार्जर और अन्य कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों को भी वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है. रिपोर्ट बताते हैं कि, R&D फंड को 5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, ताकि नई तकनीक और इनोवेशन को मजबूती मिल सके. यह कदम दिल्ली को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.
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