नई दिल्ली: झूठी खबरों और अफवाहों के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ दिल्ली सरकार को सात हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं. दिल्ली सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्यवाही करने के उद्देश्य से एक विशेष मुहिम शुरू की है. इस मुहिम के तहत दिल्ली विधानसभा की पीस एंड हार्मनी कमेटी ने दिल्ली वालों से ऐसे लोगों की जानकारी मांगी है जो इस प्रकार की झूठी खबरें और अफवाहें सोशल मीडिया के माध्यम से फैला रहे हैं. Also Read - करण जौहर का गाना बर्दाश्त नहीं कर पाए बच्चे, चन्ना मेरेया सुनकर बोले- Stop

दिल्ली विधानसभा की पीस एंड हार्मनी कमेटी को नफरत फैलाने वाली कुल 7000 से अधिक शिकायतें मिली हैं. इन 7000 शिकायतों में से अभी तक 2000 शिकायतों की जांच की गई है. जांच के उपरांत 504 शिकायतों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दुरुस्त पाया गया है. दिल्ली विधानसभा द्वारा गठित पीस एंड हार्मनी कमेटी के मुताबिक ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले और धार्मिक उन्माद फैलाकर माहौल खराब करने वाले व्यक्तियों की जानकारी दिल्ली सरकार को व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से दी जा सकती है. नफरत भरे संदेश फैलाने वाले व्यक्तियों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को दिल्ली सरकार 10 हजार रुपये का नगद इनाम देगी. Also Read - Corona: 15 दिन से घर नहीं गई नर्स, 50 फीट दूर से बेटी से मिलवाया गया; एक-दूसरे को देख खूब रोए

ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, “दिल्ली का कोई भी व्यक्ति 89 50000 946 नंबर पर व्हाट्सएप करके नफरत भरे मैसेज की जानकारी दे सकता है. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने नफरत भरे मैसेज फैलाने वाले लोगों की शिकायत के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की है. हमारे पास जो भी शिकायत आएगी अगर उन शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होगी तो शिकायत करने वाले को 10,000 रुपए की रिवॉर्ड राशि दी जाएगी.” Also Read - उर्वशी रौतेला ने की Pool में मस्ती, फैंस बोले- कितने डिजाइन की बिकिनी हैं?

उन्होंने कहा, “जो नफरत फैलाने वाले मैसेज का स्क्रीनशॉट लेकर हमारी विधानसभा समिति को भेजेगा, उस पर समिति जांच करेगी. यदि पाया जाता है कि अपराधिक मामला बन रहा है तो उसको लॉ एंड एन्फोर्समेंट एजेंसी को भेजा जाएगा ताकि नफरत फैलाने वाले मैसेज को भेजने वाले व्यक्ति पर मुकदमा किया जा सकें.” नफरत फैलाने वाले मैसेज को ट्विटर पर रिट्वीट, व्हाट्सएप्प पर फारवर्ड या फेसबुक पर कोई शेयर भी करता है तो इससे उस व्यक्ति को 3 साल की सजा हो सकती है. केजरीवाल सरकार द्वारा गठित यह कमेटी इन तथ्यों को अब रेडियो, अखबार और मीडिया के माध्यम से पूरी दिल्ली में प्रचारित कर रही है.