
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Delhi News: दिल्ली सरकार ने स्कूल शिक्षकों को राजधानी में आवारा कुत्तों की गिनती के लिए तैनात करने का निर्देश दिया है. राज्य के डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं. डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन ने अपने निर्देश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस काम के लिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस से नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा है.
आधिकारिक आदेशों के अनुसार, जिलों से पहचाने गए टीचर्स के नाम और डिटेल्स डिपार्टमेंट को जमा करने को कहा गया है. बाद में यह पूरी जानकारी दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी के ऑफिस को भेजी जाएगी.
डायरेक्टोरेट ने कहा कि यह काम पब्लिक सेफ्टी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन से जुड़ा है. अपने आदेश में, DoE ने कहा है कि यह मामला “जनता की सुरक्षा” से संबंधित है. डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन ने कहा है कि इस काम को “टॉप प्रायोरिटी” माना जाना चाहिए.
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस आदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूल दोनों के टीचर्स शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि नॉर्थवेस्ट जिले के कम से कम 118 सरकारी टीचर्स को आवारा कुत्तों की गिनती के काम के लिए चुना गया है.
हालांकि राजधानी में आवारा कुत्तों की गिनती के लिए शिक्षकों को तैनात करने के निर्देश की विरोध भी हो रहा है. गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (GSTA) के कुछ सदस्यों ने इस फैसले को गलत बताया है. एसोसिएशन ने कहा है कि पशुपालन, वन या अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों आवारा कुत्तों को गिनने का काम दिया जाना चाहिए, न कि शिक्षकों को.
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स जारी की हैं. इसमें सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल, अस्पताल और हाईवे से कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजने, उन्हें वैक्सीनेट और स्टरलाइज़ (नसबंदी) करने और फीडिंग पॉइंट्स तय करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकायों से स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों का समय-समय पर निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया है ताकि आवारा पशु वहां अपना ठिकाना न बना सकें.
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