नई दिल्ली: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने दिल्ली सरकार से चुनिंदा होटलों को कोविड-19 के मरीजों को भरती करने के लिए इस्तेमाल करने के उसके फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है.Also Read - झारखंड में कोरोना वायरस का असर हुआ बेहद कम, सिर्फ 23 नए मामले सामने आए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संबोधित अपने पत्र में सीआईआई की राष्ट्रीय पर्यटन एवं आतिथ्य समिति के परामर्शक दीपक हकसर ने कहा कि इसके लिए होटल इस तरह के मामलों को संभालने के लिहाज से डिजाइन नहीं किए गए हैं. कोविड-19 के मरीजों को साफ-सुथरे कीटाणुमुक्त माहौल में बहुत कड़ी निगरानी में रखने की जरूरत है. Also Read - केरल में कोरोना वायरस के 23,676 नए मामले आए, 148 और मौतें हुईं

उन्होंने कहा कि अधिकतर होटलों में कालीन बिछा है. उन्हें अस्पताल की तरह बार-बार कीटाणुमुक्त करना संभव नहीं है. साथ ही मरीजों के संभालने के लिए हर वक्त नर्सों की मौजूदगी भी सुनिश्चित करनी होगी. Also Read - गुजरात में कोरोना वायरस के 17 नए मामले, किसी भी मरीज ने नहीं तोड़ा दम

इसके अलावा होटलों की लिफ्ट इतनी बड़ी नहीं होती कि उसमें मरीज को बिस्तर समेत ले जाया जा सके. इसके अलावा ऑक्सीजन जैसी कई सुविधांए भी होटलों में संभव नहीं. हकसर ने कहा कि इसके अलावा भी और कई दिक्कतों का सामना होटलों को अस्पताल के रूप उपयोग करने के दौरान करना पड़ सकता है. इसलिए सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.