नई दिल्ली: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने दिल्ली सरकार से चुनिंदा होटलों को कोविड-19 के मरीजों को भरती करने के लिए इस्तेमाल करने के उसके फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है. Also Read - Tips: कोरोना वायरस से बचने के लिए रोजाना इस 'इम्युनिटी बूस्टर' ड्रिंक का सेवन करती हैं बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संबोधित अपने पत्र में सीआईआई की राष्ट्रीय पर्यटन एवं आतिथ्य समिति के परामर्शक दीपक हकसर ने कहा कि इसके लिए होटल इस तरह के मामलों को संभालने के लिहाज से डिजाइन नहीं किए गए हैं. कोविड-19 के मरीजों को साफ-सुथरे कीटाणुमुक्त माहौल में बहुत कड़ी निगरानी में रखने की जरूरत है. Also Read - बिहार: कोरोना मरीजों की संख्या 12 हजार पार, अब तक 97 मौतें, 24 घंटे में मिले 280 मरीज

उन्होंने कहा कि अधिकतर होटलों में कालीन बिछा है. उन्हें अस्पताल की तरह बार-बार कीटाणुमुक्त करना संभव नहीं है. साथ ही मरीजों के संभालने के लिए हर वक्त नर्सों की मौजूदगी भी सुनिश्चित करनी होगी. Also Read - दिल्ली: कोरोना संक्रमित 1 लाख पार, मृतकों की संख्या 3 हज़ार से ऊपर, केजरीवाल बोले- फ़िक्र न करें लोग

इसके अलावा होटलों की लिफ्ट इतनी बड़ी नहीं होती कि उसमें मरीज को बिस्तर समेत ले जाया जा सके. इसके अलावा ऑक्सीजन जैसी कई सुविधांए भी होटलों में संभव नहीं. हकसर ने कहा कि इसके अलावा भी और कई दिक्कतों का सामना होटलों को अस्पताल के रूप उपयोग करने के दौरान करना पड़ सकता है. इसलिए सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.