नई दिल्ली। केरल में निपाह विषाणु के फैलने के आलोक में दिल्ली सरकार ने आज लोगों को सतर्क रहने का परामर्श दिया लेकिन यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में इस घातक विषाणु का मानव संक्रमण सामने नहीं आया है. सरकार ने लोगों से इस सीजन में खजूर का जूस/शेक नहीं पीने को कहा है. उसने लोगों से यह भी कहा है कि जहां तक आम की बात है तो अगर वह पेड़ से गिरकर उसके नीचे कुछ समय तक पड़ा रहा हो, तो ऐसे आम को नहीं खाएं. Also Read - एक बार फिर सामने आई सोनू सूद की दरियादिली, अब 177 लड़कियों को करवाया एयरलिफ्ट

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सरकार ने आज जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि यह बीमारी ज्यादा नहीं फैली है, यह केरल के कुछ जिलों कोझिकोड़ और मलाप्पुरम तक ही सीमित है. एडवाइजरी में कहा गया है कि आंकड़े बताते हैं कि आम लोगों को व्यक्तिगत और अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर आशंकित होने की जरूरत नहीं है. अबतक दिल्ली में निपाह विषाणु का मानवीय संक्रमण सामने नहीं आया है.

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वैसे केरल में इस बीमारी से अबतक 16 लोगों की जान जा चुकी है. परामर्श के अनुसार कमोबेश यात्रा परामर्श तो नहीं जारी किया गया है लेकिन केरल के प्रभावित जिलों में अनावश्यक यात्रा करने से बचा जाए. लोगों को चमगादड़ या किसी और जानवर द्वारा आंशिक रूप से खाये गये फल नहीं खाना चाहिए. जहां तहां नहीं थूकने की भी सलाह दी गई है. खाना खाना से पहले और उसके बाद और फल व सब्जियां खरीदकर बाजार से आने के बाद साबुन से हाथ धोने का भी सुझाव दिया गया है.

केरल में 16 की मौत

बता दें कि निपाह वायरस से अब तक केरल में 16 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा कोलकात में भी एक शख्स के मारे जाने की खबर आ चुकी है. निपाह के चलते केरल में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है. यहां एक नर्स की भी निपाह वायरस ने जान ले ली. ये नर्स निपाह से ग्रस्त मरीज का ही इलाज कर रही थी. निपाह का असर केरल में फल-सब्जी कारोबारियों पर भी पड़ा है. लोगों को फल-सब्जी खाने में सावधानी बरतने को कहा गया है. इसके चलते इनकी बिक्री पर बड़ा असर पड़ा है. दाम कम करने के बावजूद बिक्री बहुत कम हो रही है. यूएई ने भी केरल से फल के आयात पर रोक लगाकर व्यवसाइयों को दूसरा झटका दिया है.