नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण विनिर्माण कार्यों में लगे मजदूरों की जीविका प्रभावित हो रही है, ऐसे में दिल्ली सरकार प्रत्येक मजदूर को पांच-पांच हजार रुपए देगी. मंगलवार शाम संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पिछले 40 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है और वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 30 से कम होकर 23 हो गयी है. Also Read - कोरोना से अब तक 111 लोगों की मौत, भारत में 4281 हुई संक्रमितों की संख्या; राज्यों ने दिए लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दिल्ली कोरोना वायरस महामारी के तीसरे चरण में पहुंचने की स्थिति में जाती है तो उससे कैसे निपटा जाए, इस पर सलाह देने के लिए उन्होंने पांच डॉक्टरों की एक टीम गठित की है. सीएम केजरीवाल ने कहा कि इस टीम को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. Also Read - कोरोना वायरस से हुई मां की मौत तो बेटे ने शव लेने से किया इनकार, जिला प्रशासन को करना पड़ा अंतिम संस्कार

केजरीवाल ने कहा कि यह अच्छी खबर है कि कुछ मरीज स्वस्थ हो गए हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने सावधान किया कि कोरोना वायरस के खिलाफ अभी आगे लंबी लड़ाई चलनी है. उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे इस मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे की मदद करें. Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि लोग कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में मोर्चा संभाले हुए पेशेवरों, यथा… डॉक्टरों, नर्सों, पायलटों और विमान परिचारिकाओं के साथ भेद-भाव ना करें.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, हमारे प्रधान मंत्री के अनुरोध पर हमने अपने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य लोगों के लिए ताली बजाई जो आवश्यक सेवाएं दे रहे हैं. लेकिन अब मुझे जानकारी मिल रही है कि एक मकान मालिक ने जबरदस्ती एक नर्स किराएदार को बाहर निकाल दिया है क्योंकि वह कोरोनोवायरस रोगियों का इलाज करती है.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, कुछ लोग पायलटों और एयर होस्टेस को अपनी कॉलोनियों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. यह सही नहीं है. ये लोग हमारे लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं और हम इस तरह से व्यवहार कर रहे हैं. हमें इस मानसिकता को बदलना चाहिए.