Delhi Gymkhana Club News: दिल्ली के जिमखाना क्लब को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है. नियमों के उल्लंघन को लेकर लगे आरोपों के बाद NCLAT ने यह फैसला लिया है. समिति ब्रिटिश शासन में बने इस क्लब के प्रबंधन का काम देखती है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे मामले की जांच होने तक केंद्र सरकार की ओर से कॉरपोरेट मंत्रालय के मनमोहन जुनेजा को दिल्ली जिमखाना क्लब का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है.

दिल्ली जिमखाना क्लब (Delhi Gymkhana club) पर आरोप था कि केवल क्लोज ग्रुप के ही लोगों को एंट्री दी जाती है. क्लब पर वित्तीय गड़बड़ियों के भी आरोप लगे हैं. ये भी आरोप लगाया गया है कि क्लब बनाने का मकसद स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना था लेकिन, उसके बदले क्लब की जगह का इस्तेमाल मनोरंजन के लिए ही किया जाता रहा है.

शिकायतें मिलने पर कंपनी मामलों के मंत्रालय ने क्लब की जांच की थी. बाद में NCLT दिल्ली में मंत्रालय की ओर से कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए केस भी किया गया था जिसमें कहा गया था कि क्लब का कामकाज जनहित के तरीके से नहीं चल रहा है.

मामला फिर NCLT के बाद NCLAT पहुंचा. हालांकि, क्लब की दलील थी कि इसमें जनहित से जुड़ी कोई बात नहीं है. क्लब का ये भी कहना था कि किसे मेंबरशिप देनी है और किसे नहीं देनी, इसमें दखल देना ठीक नहीं है.

1.2 करोड़ रुपये के बिल लंबित
दिल्ली जिमखाना क्लब में 1.2 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं. इसकी स्थापना भारत की आजादी से भी पहले हुई थी. यह लुटियंस दिल्ली के केंद्र में स्थित 107 साल पुराना जिमखाना क्लब है. बकाए को लेकर 11 फरवरी को सदस्यों को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, “बकाया बिलों की कुल राशि 1.2 करोड़ है, जिसमें 21 जनवरी के लिए मासिक बिल/डिफाल्टर बकाया शामिल हैं और इसके साथ ही उन सदस्यों की ओर से बकाया भी शामिल हैं, जिनका नाम समाप्ति (टर्मिनेशन) के लिए अनुशंसित किया गया है.”

(इनपुट: एजेंसी)