नई दिल्ली. देश की राजधानी में हो आए दिन हो रहे रहे एक्सिडेंट के बीच ट्रैफिक पुलिस ने एक एक्सिडेंट एनालिसिस की है. इसके चौंकाने वाले रिजल्ट सामने आए हैं. इसके मुताबिक, पिछले साल दिल्ली में जो 44% हिट एंड रन के केस हुए हैं वह पैदल चलने वालों के साथ हुए हैं.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है, साल 2017 में दिल्ली में हर स्क्वायर किमी में एक प्राणघातक एक्सिडेंट हुआ है. हर दिन यहां चार लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है. वहीं, मुकुंदपुर चौक पर पिछले साल सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं.

प्राइवेट कार-टैक्सी से सबसे ज्यादा हादसे
पुलिस ने अपनी इस स्टडी में ये पाया कि प्राइवेट कार और टैक्सी सबसे ज्यादा हादसे को अंजाम दे रहे हैं. इसके बाद दूसरे नंबर दो पहिया गाड़ी आते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पैदल चलने वालों के बाद हादसे में सबसे ज्यादा दोपहिया गाड़ी वाले ही शिकार हुए हैं.

साइकिल वाले भी हुए शिकार
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साइकिल से चलने वालों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है. इसमें सबसे ज्यादा केस सुबह के समय के हैं. अफ्रीका एवेन्यू और अलीपुर रोड पैदल चलने वालों के लिए सबसे खतरनाक साबित हुए हैं. वहीं, सबकी बात की जाए तो रिंग रोड और आउटर रिंग रोड सबसे खतरनाक साबित हुए हैं.

ये हैं एक्सिडेंटल जोन
पुलिस ने 303 जगह को एक्सिडेंटल प्रोन माना है और 145 जगह इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर प्राणघातक एक्सिडेंट शाम के समय होते हैं. वहीं, 845 हादसे रात में और 720 दिन के समय हुए हैं. सबसे ज्यादा हादसे शाम 7 बजे से रात दो बजे के बीच हुए हैं. हालांकि, इसमें सबसे ज्यादा इन्वाल्वमेंट मालवाहक गाड़ियों की है.

लुटियन जोन भी सुरक्षित नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल और ईस्ट दिल्ली में जो हादसे हुए हैं वह हल्के हुए हैं. लेकिन वेस्ट और आउटर दिल्ली के हादसे प्राणघातर रहे हैं. इसके पीछे का कारण खुले गांव और गाड़ियों की स्पीड है. चौंकाने वाली बात ये है कि लुटियन दिल्ली में हादसे बढ़े हैं. साल 2016 में वहां 57 हादसे हुए, वहीं साल 2017 में 65 हादसे हुए हैं. इसमें सबसे ज्यादा हादसे अक्टूबर और दिसंबर में हुए हैं.