दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सांद्रकों की कथित कालाबाजारी के मामले में नवनीत कालरा के अग्रिम जमानत के अनुरोध को शुक्रवार को ठुकरा दिया और राहत न देने के, निचली अदालत के कारणों से सहमति जताई. Also Read - दिल्ली दंगे: अदालत ने नताशा नरवाल समेत तीनों एक्टिविस्ट को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, जानिए क्या बोले तिहाड़ जेल के DG

सत्र अदालत ने कालरा की अग्रिम जमानत की याचिका को बृहस्पतिवार को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और “पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए” उनको हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है. Also Read - दिल्ली दंगे: हाईकोर्ट ने निचली अदालत से तीनों छात्रों की रिहाई के मामले पर गौर करने को कहा

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने मामले में अगली सुनवाई 18 मई को निर्धारित करते हुए कहा, “मैं निचली अदालत द्वारा दिए गए कारणों से सहमत हूं जो फिलहाल के लिए किसी प्रकार का अंतरिम संरक्षण नहीं देने के लिए मेरे पास वैध आधार है.” Also Read - दिल्ली हिंसा: आरोपियों को जमानत देने के HC के आदेश के खिलाफ SC पहुंची पुलिस

अदालत की ये टिप्पणी कालरा के वकीलों- वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और विकास पाहवा ने अदालत से अपील के बाद आई कि अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एस वी राजू की अपील पर अगर मामला 18 मई तक स्थगित किया जा रहा है तो तब तक कुछ अंतरिम संरक्षण दिया जाए.