नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली (Delhi) के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी के एक मकान में भीषण आग लग गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई. घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने बिना किसी देरी के आग को काबू करने की कोशिश शुरू की, लेकिन तब तक इस बेकाबू आग के चलते 43 लोगों की मौत हो गई. आशंका जताई जा रही है कि मरने वाले की संख्या बढ़ सकती है.

बताया जा रहा है कि जिन तीन घरों में आग लगी वहां थैले बनाने की अवैध रूप से फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थी. घटना के बाद फैक्ट्री मालिक फरार हो गया है. पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की कार्रवाई कर रही है.

वहीं इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें रेस्क्यू कर अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया है. टीम ने अभी तक 56 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया है. दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की जानकारी सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. उन्होंने बताया कि मकान में 20 लोग फंसे हुए थे. उन्हें बचाया लिया गया है और आरएमएल अस्पताल एवं हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया है.

पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम केजरीवाल सहित दूसरे बड़े नेताओं ने इस भीषण घटना में शोक जाहिर किया है. सीएम केजरीवाल ने घटना की जांच के आदेश दे दिया है और उन्होंने घटना में मारे गए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों के परिवारों को 1-1 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. वहीं भाजपा ने भी इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 5-5- लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है.

बताया जा रहा है कि यह आग आज सुबह करीब 05.30 बजे तीन घरों में लगी, यहां गत्ते और कागज की अवैध फैक्ट्री चल रही थी. जिस वजह से आग फैली और उसने तीन घरों की दो मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया. पुरानी दिल्ली का यह इलाका सकरी गलियों वाला है. जिसके चलते फायर ब्रिगेड की टीम को यहां तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

जिसके चलते बचाव कार्य में देरी हुई और उसी वजह से कैजुअल्टी की संख्या बढ़ गई. मौके पर फायर ब्रिगेड की 30 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं. घटना स्थल में एनडीआरएफ की टीमें भी मौजूद हैं.