नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नाराज होकर कहा कि आंकड़े देने के लिए हमें क्या मच्छरों का इंतजार करना होगा. राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू और चिकुनगुनिया का फैलाव रोकने के लिए जांच किए गए घरों की संख्या के बारे में पूछने पर नगर निकायों द्वारा आंकड़े मुहैया नहीं कराने पर हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की.

अदालत ने कहा कि चिकुनगुनिया और डेंगू के खतरे से ‘‘युद्धस्तर’’ पर लड़ा जाना चाहिए और इसने राष्ट्रीय मच्छरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशक से कहा कि 12 जुलाई तक कार्ययोजना पेश करें.

एजेंसियों और दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर असंतोष जाहिर करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने कहा, ‘‘कार्यक्रम के निदेशक डॉ. पी के सेन सभी पहलू से व्यापक कार्ययोजना बताएंगे ताकि चिकुनगुनिया और डेंगू जैसे मच्छरजनित रोगों को कम से कम किया जा सके और फिर इसे खत्म किया जा सके.’’

अदालत उस वक्त नाराज हो गई जब तीनों नगर निगम के वकील राष्ट्रीय राजधानी में 24 मई तक जांच किए गए घरों के आंकड़े नहीं दे सके। इस पर अदालत ने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना होगा कि मच्छर इस तरह के आंकड़े दें.