नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने घोटाला प्रभावित ‘पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक’ (पीएमसी) से नकद निकासी पर लगी पाबंदी हटाने की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को केन्द्र, आप सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को नोटिस जारी कर इस पर रुख स्पष्ट करने को कहा है.

मुख्य न्यायधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने वित्त मंत्रालय, दिल्ली सरकार, आरबीआई और पीएमएसी बैंक को नोटिस जारी कर याचिका पर रुख स्पष्ट करने को कहा. याचिका में ग्राहकों के, बैंक में जमा पैसे के लिए 100 प्रतिशत बीमा कवर की मांग की गई है. घोटाला सामने आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ‘पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक’ पर पाबंदियां लगा दी थी.

पीएमसी बैंक घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया खाताधारकों को झटका

पीएमसी बैंक में हुए 4,355 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सामने आने के बाद आरबीआई ने पहले, तरलता संकट को ध्यान में रखते हुए राशि निकालने की सीमा 1,000 रुपये कर दी थी. इसे बाद में बढ़ा कर 40,000 रुपये (छह महीने के भीतर) कर दिया, जिससे ग्राहक तनाव में हैं. बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 जनवरी को होनी है.

आपको बता दें कि इस घोटाले में फंसे लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन चीफ जस्टिस रंजन गुगोई ने लोगों से हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए कहा था. इस पूरे संकट के समय तीन लोगों की मौत हो चुकी है इस ग्राहक इसका कारण पीएमसी बैंक घोटाले को ही मान रहे हैं. केंद्र सरकार की तरफ से पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि सरकार लगातार इस पूरे मामले में नजर बनाए हुए है और वो खाताधारकों को नुकसान से बचाने के लिए हर संभर कदम उठा रही है.