नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को आधार कार्ड से वोटर आईडी कार्ड को जोड़ने के संबंध में आठ हफ्तों में फैसला लेने का आदेश दिया है. अगर चुनाव आयोग ने इस संबंध में सकारात्मक फैसला लिया, तो आने वाले दिनों में हम और आप आधार कार्ड से ही मतदान कर सकेंगे. यानी इस फैसले के बाद वोट डालने के लिए भी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने यह आदेश इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को फर्जी मतदान पर रोक लगाने के लिए आधार कार्ड के साथ चुनाव पहचानपत्र को जोड़ने की याचिका का निपटारा किया.

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर याचिका की सुनवाई की. याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से इस मामले पर आठ सप्ताह के अंदर निर्णय लेने को कहा. मौजूदा चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव बताते हुए कई राजनीतिक पार्टियां सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को घेरती आई हैं. भाजपा नेता की इस याचिका में आधार कार्ड पर आधारित मतदान प्रणाली को लागू करने की मांग की गई है.

उपाध्याय ने एक ई-वोटिंग प्रणाली के लिए भी सुझाव दिया जो फर्जी मतदान और नकल को खत्म करने के लिए फिंगरप्रिंट और चेहरे के बायोमेट्रिक्स का उपयोग करेगी. याचिका में कहा गया है, “इस प्रणाली में चुनाव से पहले हर बार डेटाबेस को अपडेट किया जाएगा. मुख्य लाभ यह है कि मतदान प्रक्रिया बहुत तेज होगी और अधिकतम काम सिस्टम की ओर से अपने आप स्वचालित रूप से किए जाएंगे.”