नई दिल्ली: आज 8वें दिन भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा अपने दो वरिष्ठ मंत्रियों मनीष सिसोदिया और गोपाल राय के साथ एलजी निवास में धरना देने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने पूछा है कि केजरीवाल को एलजी ऑफिस में धरना करने की अनुमति किसने दी है? केजरीवाल की मांग है कि दिल्ली में आईएएस अधिकारियों की हड़ताल को रोका जाए और उनकी महत्वकांक्षी डोर स्टेप राशन देने की स्कीम को एलजी मंजूरी दें.

हालांकि दिल्ली सरकार के आरोप को आईएएस एसोसिएशन ने रविवार को निराधार बताया और कहा कि वो पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है. अब जबकि केजरीवाल का धरना 8वें दिन में पहुंच चुका है ऐसे में हम आपको बताते हैं कि अबतक इस पूरे मामले की 10 बड़ी बातें-

1. दिल्ली हाईकोर्ट ने एलजी कार्यालय में केजरीवाल और उनके मंत्रियों द्वारा धरना देने पर सख्त टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल को एलजी ऑफिस में धरना करने की अनुमति किसने दी, आप किसी के घर पर धरना नहीं दे सकते.

2. इससे पहले भूख हड़ताल कर रहे मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें रविवार रात को राजधानी के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जैन ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू की थी और शनिवार से उनका शुगर लेवल कम हो रहा था. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.’’

3. मंत्री सत्येंद्र जैन के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब धरने पर तीन लोग ही बचे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री गोपाल राय का धरना अभी भी जारी है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अभी भी भूख हड़ताल पर हैं.

4. रविवार को आईएएस एसोसिएशन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट कर अधिकारियों से वापस काम पर लौटने की अपील की. केजरीवाल ने अधिकारियों को अपने परिवार का हिस्सा बताया और कहा कि वो बैठक के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे. केजरीवाल की तरफ से अधिकारियों के लिए ये पहला सीधा संदेश था क्योंकि अबतक वो एलजी से ही अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने की मांग करते रहे हैं.

5. आईएएस अधिकारियों ने रविवार शाम को पत्रकारों से बात करते हुए किसी भी तरह की हड़ताल से इनकार किया और कहा कि दिल्ली सरकार को अपना रुख बदलने की जरूरत है. आईएएस अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे लोग राजनीति में शामिल नहीं हैं और तटस्थ हैं. उनका काम सरकार की नीतियों को लागू करना है. अधिकारियों ने कहा कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मारपीट के बाद हम सब डरे हुए हैं और दिल्ली सरकार ने हमारा भरोसा बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया.

6. रविवार को ही दोपहर में आम आदमी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने पीएम ऑफिस की तरफ मार्च किया. आप के कार्यकर्ता अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तीन वरिष्ठ मंत्रियों के धरने का समर्थन करते हुए पीएम से अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने का अनुरोध करने पहुंचे थे. हालांकि पुलिस ने संसद मार्ग के पास ही इस मार्च को रोक दिया. इस मार्च को सीपीआइ एम का भी सपोर्ट मिला. मार्च को सपोर्ट करने पहुंचे सीताराम येचुरी ने बीजेपी सरकार पर उपराज्यपाल का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

7. रविवार को नीति आयोग की मीटिंग में चार मुख्यमंत्रियों ने पीएम के सामने दिल्ली के विवाद का मुद्दा उठाया. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, केरल के सीएम पी विजयन, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडु और कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने पीएम से इस मामले में दखल देने की मांग की और आम आदमी पार्टी की मांग को अपना समर्थन दिया.

8. रविवार सुबह अरविंद केजरीवाल के ट्वीट पर एक नया विवाद शुरू हो गया. केजरीवाल ने ट्वीट किया कि उनकी जगह एलजी नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने जा रहे हैं लेकिन बाद में नीति आयोग के चीफ अमिताभ कांत ने साफ किया कि दिल्ली के एलजी नीति आयोग की मीटिंग में नहीं आए हैं.

9. अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आरोप लगाया कि एलजी कार्यालय से आईएएस अधिकारियों को धमकी दी जा रही है कि अगर वो दिल्ली सरकार की किसी भी मीटिंग में गए तो उनका करियर खराब कर दिया जाएगा. नीति आयोग की बैठक में नहीं जाने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि वो किसी भी बैठक में जाएं पर पीएम उनसे बात तक नहीं करते और उन्हें इग्नोर करते हैं.

10. सीएम केजरीवाल ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से किसी भी तरह की हाथापाई से इनकार किया है. केजरीवाल ने कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई थी और ये सब हमारी सरकार को बदनाम और अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है. केजरीवाल ने कहा कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक वो एलजी कार्यालय पर धरना देते रहेंगे.