नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत विरोधी कथित नारेबाजी की एक घटना के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के अपीलीय प्राधिकार द्वारा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार के खिलाफ जुर्माने के आदेश को आज निरस्त कर दिया. गौरतलब है कि 2016 में इस घटना के तहत एक कार्यक्रम में कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे. न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने कहा कि जेएनयू कार्यालय का आदेश अनगिनत बिंदुओं पर टिकने योग्य नहीं है. इसके बाद विश्वविद्यालय के वकील ने दलील दी कि वह इस फैसले को वापस ले रहे हैं. इससे पहले हाईकोर्ट ने बुधवार को दिए अपने निर्देश में JNU से कहा था कि वह जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ लगे जुर्माने के संबंध में 20 जुलाई तक कोई दंडात्मक कदम ना उठाए. Also Read - जेएनयू का चरित्र बदलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे: केंद्र सरकार

अदालत ने यह विषय अपीलीय प्राधिकार को सौंपते हुए उसे नए सिरे से कानून के मुताबिक कार्यवाही शुरू करने को कहा. कुमार ने मुख्य प्रॉक्टर के जरिए जारी जेएनयू के 4 जुलाई के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए 17 जुलाई को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. कुमार को अनुशासनहीनता को लेकर दोषी ठहराया गया था और उन पर जुर्माना लगाया गया था. नारेबाजी की घटना के सिलसिले में कुमार पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था. संसद भवन पर हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे. जेएनयू की समिति ने कन्हैया पर जुर्माना लगाने के अलावा यह सिफारिश भी की थी कि उमर खालिद नाम के एक अन्य छात्र को इस घटना के सिलसिले में विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाए. इसके अलावा अनुशासनिक नियमों के उल्लंघन के आरोपी 13 अन्य छात्रों पर भी वित्तीय दंड लगाया गया था. इसके बाद छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था. Also Read - जेएनयू में लगा 'जिन्ना मार्ग' पोस्टर, एबीवीपी ने जेएनयूएसयू पर लगाया आरोप

उमर खालिद से संबंधित मामले पर भी दिया था निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने कन्हैया कुमार पर निर्देश देने से पहले गुरुवार को जेएनयू को निर्देश दिया था कि वह अपने छात्र उमर खालिद के खिलाफ कल (शुक्रवार) तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करे. वर्ष 2016 में जेएनयू परिसर में हुए एक विवादित कार्यक्रम में कथित तौर पर भारत-विरोधी नारेबाजी के सिलसिले में उमर को जेएनयू से निष्कासित कर दिया गया था और उस पर 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था. न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने उमर की अर्जी पर जेएनयू को नोटिस जारी किया था. उमर ने अर्जी में विवादित कार्यक्रम के सिलसिले में 4 जुलाई को जेएनयू के एक अपीलीय अधिकारी की ओर से उस पर लगाए गए जुर्माने को चुनौती दी है. कोर्ट ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की ओर से दायर अर्जी के साथ उमर की अर्जी पर कल (शुक्रवार को) सुनवाई होगी. Also Read - कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह मामले में राजनीतिक, कानूनी लड़ाई लड़ेंगे: भाकपा

(इनपुट – एजेंसी)