नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर माताओं को स्तनपान सुविधा मुहैया कराने पर केंद्र , आप सरकार और नगर निकायों से उनका नजरिया मांगा है. अदालत ने कहा कि दुनियाभर में माताओं को यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने कहा कि यह जरूरी है कि मामले को भूमि का स्वामित्व रखने वाली सभी एजेंसियां और नगर निकाय देखें. इसके बाद अदालत ने नगर निगमों , दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अलावा केंद्र और दिल्ली सरकार को भी नोटिस जारी किया. Also Read - Tips: स्तनपान समय पूर्व जन्मे शिशुओं में दिल के रोगों को रोकने में मददगार

Also Read - मॉडल शायून मेंडेलुक ने करवाया बोल्ड फोटोशूट, बिना ढके बच्चे को पिलाया दूध

फैशन मॉडल ने स्विमसूट में रैंप पर वॉक करते हुए 5 महीने की बेटी को कराया ब्रेस्टफीडिंग, वीडियो वायरल Also Read - ब्रेस्ट फीड कराने पर लोगों ने किया शर्मनाक कमेंट, कहा- तुम गाय नहीं हो लिजा हेडन

अदालत ने रेखांकित किया कि यहां हवाई अड्डों पर भी बच्चों को स्तनपान कराने की सुविधा नहीं है. उच्च न्यायालय ने मुद्दे को निपटाने के लिए सभी प्राधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई पर चार हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त के लिए तय कर दी. अदालत एक मां और उसके नवजात बच्चे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों को स्तनपान सुविधा मुहैया कराने की मांग की गई है.

दिल की सेहत दुरुस्त रखता है दूध, वैज्ञानिकों ने गिनाए डेयरी प्रोडक्ट्स के फायदे…

गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट ने कवर पेज पर एक मॉडल के स्तनपान की तस्वीर छापने को लेकर मलयालम पत्रिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका को निरस्त करते हुए कहा था कि कुछ लोगों के लिए अश्लील चीजें दूसरों के लिए कलात्मक हो सकती हैं. अदालत ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए जो चीज अभद्रता है वही दूसरे के लिए काव्यात्मक है. न्यायमूर्ति एंटनी डोमिनिक और न्यायमूर्ति दामा शेषाद्रि नायडू की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हमें तस्वीर में कुछ भी अश्लील नहीं लग रहा है, न ही इसके कैप्शन में कुछ आपत्तिजनक है. हम तस्वीर को उन्हीं नजरों से देख रहे हैं जिन नजरों से हम राजा रवि वर्मा जैसे कलाकारों की पेंटिंग्स को देखते हैं.

7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी, बढ़ सकता है महंगाई भत्ता

केरल में प्रकाशित होने वाली गृहलक्ष्मी मैगजीन के कवर पर बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कराती मॉडल और मैगजीन के खिलाफ एक वकील ने अश्लीलता फैलाने के आरोप में केस दर्ज कराया था. वकील विनोद मैथ्यू ने केरल के कोलम की सीजेएम कोर्ट में मैगजीन के पब्लिशर और मॉडल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. गृहलक्ष्मी के संपादक ने विवाद होने पर कहा था कि मैगजीन मांओं की सार्वजनिक जगहों पर स्तनपान कराने की जरूरत के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहती थी. मैगजीन के कवर पेज पर इस तस्वीर के साथ लिखा है कि माएं केरल से कह रही हैं – घूरो मत, हम स्तनपान कराना चाहती हैं.