नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बावजूद दिल्ली सरकार और नौकरशाहों की लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. आप सरकार ने नौकरशाहों से उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है. दिल्ली के उप मुख्ममंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे लेकर केंद्र और नौकरशाह दोनों की नसीहत दी है. सिसोदिया ने कहा कि नौकरशाहों द्वारा प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करने से इनकार करना अदालत की अवमानना के समान है और नेतृत्व इस विषय पर कानूनी विकल्प पर विचार कर रहा है. Also Read - Delhi-NCR में अरबों का हवाला, ऑपरेटर लुओ सांग फर्जी पासपोर्ट के साथ अरेस्‍ट, चीनी खुफिया एजेंट होने का शक

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक दिन बाद सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों और केंद्र से फैसले का पालन करने की अपील की. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि उपराज्यपाल निर्वाचित सरकार की सलाह मानने को बाध्य है और वह बाधा डालने वाले नहीं हो सकते.

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सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा कि मुख्य सचिव ने मुझे पत्र लिखकर बताया कि सेवा विभाग आदेशों का पालन नहीं करेंगे. अगर वे इसका पालन नहीं कर रहे हैं और तबादले की फाइलें अब भी उपराज्यपाल देखेंगे तो यह संवैधानिक पीठ की आवमानना होगी. हम अपने वकीलों से सलाह-मश्विरा कर रहे हैं कि इस स्थिति में क्या किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि उपराज्यपाल केवल तीन विषयों में हस्तक्षेप कर सकते हैं जिनमें सेवा विभाग शामिल नहीं हैं. सिसोदिया ने कहा, मैं अधिकारियों के साथ – साथ केंद्र से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करें.

आदेश का पालन करने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट के कल ऐतिहासिक फैसले के कुछ घंटे बाद दिल्ली सरकार ने नौकरशाहों के तबादलों और तैनातियों के लिए भी एक नई प्रणाली शुरू की जिसके लिए मंजूरी देने का अधिकार मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिया गया है. बहरहाल, सेवा विभाग ने यह कहते हुए आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में जारी उस अधिसूचना को नहीं हटाया जिसमें तबादलों और तैनातियों का अधिकार गृह मंत्रालय को दिया गया था.