Delhi News Update: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज शुक्रवार को अहम फैसला देते हुए दिल्ली सरकार (Delhi Government) को राष्ट्रीय राजधानी के हॉस्पिटलों में निर्माण गतिविधियों की अनुमति दे दी. कोर्ट ने इसके साथ ही उसके वायु प्रदूषण से निपटने के आदेशों को लागू करने के लिए दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा उठाए गए नए कदमों पर भी संतोष व्यक्त किया. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की बेंच ने आयोग के प्रस्तावित उपायों को मंजूरी देते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को इन आदेशों का पालन करने का निर्देश भी दिया. दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि उन्होंने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के अपने निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए एक इंफोर्समेंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है.Also Read - Delhi Liquor Shop News: दिल्ली सरकार का ऐलान-पूरे साल में अब बस 3 दिन ही बंद रहेंगी शराब की दुकानें, जानिए नया नियम

पीठ ने अपने आदेश में कहा- हमने प्रस्तावित निर्देशों को ध्यान में रखा है. हम (पीठ) केंद्र और दिल्ली सरकार को दो दिसंबर के आदेशों को लागू करने का निर्देश देते हैं. अभी मामलों को लंबित रखते हैं और अगले शुक्रवार को इसपर सुनवाई होगी. मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने आज शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत से राष्ट्रीय राजधानी के हॉस्पिटलों में निर्माण गतिविधियों को फिर शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया था. दिल्ली सरकार का कहना है कि कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए तैयारी करने और उसका मुकाबला करने के लिए अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में सुधार का काम शुरू कर दिया गया था और 7 नए अस्पतालों का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन निर्माण प्रतिबंध के कारण काम बंद हो गया है. Also Read - Pig Kidney Transplant in Human: डॉक्टरों ने इंसान के शरीर में लगा दी सुअर की किडनी, तुरंत काम भी करने लगीं

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली में स्कूल खोलने के संबंद में भी सुनवाई हुई. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने दिल्ली सरकार को कभी भी राजधानी में गंभीर वायु प्रदूषण के संबंध में एक मामले की सुनवाई के दौरान स्कूलों को बंद करने के लिए नहीं कहा, बल्कि उनसे स्कूलों को फिर से खोलने पर केवल रुख में बदलाव के पीछे के कारणों के बारे में पूछा. पीठ ने कहा, ‘पता नहीं यह जानबूझकर है या नहीं. मीडिया में कुछ वर्गों ने प्रोजेक्ट करने की कोशिश की, हम खलनायक हैं .. हम स्कूलों को बंद करना चाहते हैं.’ Also Read - India Gate पर जलनेवाली Amar Jawan Jyoti के विलय मामले पर राहुल गांधी ने जताया विरोध, मिला ये जवाब, जानिए

पीठ ने दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि सरकार ने अदालत को बताया कि वह स्कूलों को बंद कर रही है और घर से काम शुरू कर रही है. और, आज के समाचार पत्र देखें.’ सिंघवी ने कहा कि एक अखबार ने लिखा कि ‘आपका लॉर्डशिप प्रशासन को संभालना चाहता है.’ पीठ ने जवाब दिया कि उन्होंने कभी भी उस अभिव्यक्ति का इस्तेमाल नहीं किया और मामले की सही ढंग से रिपोर्ट नहीं की गई. (एजेंसी इनपुट्स)