नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश सरकार का विधि विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि देशद्रोह के एक मामले में पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाए अथवा नहीं. बहरहाल, उन्होंने केंद्र पर दिल्ली सरकार के कामों में बाधा डालकर ‘देशद्रोह’ करने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने हिंदी में किए गए ट्वीट में कहा, ‘मुझे नहीं पता कन्हैया ने देशद्रोह किया है या नहीं, उसकी जांच कानून विभाग कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘उधर मोदी जी ने दिल्ली के बच्चों के स्कूल रोके, अस्पताल रोके, सीसीटीवी कैमरे रोके, मोहल्ला क्लीनिक रोके, दिल्ली को ठप करने की पूरी कोशिश की-क्या यह देशद्रोह नहीं है?

आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार जेएनयू देशद्रोह मामले में अभियोग चलाने की मंजूरी देने के संबंध में कानूनी राय ले रही है. गौरतलब है कि एक अदालत ने अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी लिए बगैर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और नौ अन्यों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोपपत्र दाखिल किए जाने पर सवाल खड़े किए. इसके बाद गत सप्ताह सत्तारूढ़ आप और दिल्ली पुलिस ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए.

दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए अदालत द्वारा तय नियमों का पालन किया जाएगा. पुलिस ने 14 जनवरी को अदालत में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि सरकार ने अभी मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है. आरोपपत्र के अनुसार, कुमार नौ फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान एक रैली का नेतृत्व कर रहा था और देशद्रोह के नारों का समर्थन कर रहा था.