नई दिल्ली: दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के एक सेक्शन के निर्माण का टेंडर एक चीनी कंपनी को दिया गया है. गलवान घाटी में पिछले साल हुई झड़प के बाद चीनी कंपनी के इस टेंडर पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब यह ठेका शंघाई स्थित टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को दिया गया है. बता दें कि यह सेक्शन साहिबाबाद के न्यू अशोक नगर से गाजियाबाद के साहिबाबाद तक होगा, जिसकी लंबाई 5.6 किमी होगी. Also Read - भारत-चीन के बीच आज होगी 9वें दौर की बैठक, क्या बन पाएगी सहमति?

बता दें कि भारत चीन सीमा विवाद के बाद गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद RRTS कार्यक्रम को लेकर चीनी कंपनी का नाम सामने आया था, जिसके बाद चीनी कंपनी को लेकर बवाल मचने के बाद सरकार द्वारा इसके टेंडर पर रोक लगा दी गई थी. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक NCRTC का कहना है कि यह ठेका तय प्रक्रियाओं और निर्देशों के मुताबिक दिया गया है. ठेकों को मंजूरी देने का काम कई स्तर पर किया गया है. Also Read - चीन पर सख्त हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बोले- पहले चीन हटाए सेना, तब हम करेंगे पहल

बता दें कि दिल्ली से मेरठ के बीच एक सेनी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत रेल लाइन दिल्ली-गाजियाबाद से होते हुए मेरठ तक जुड़ेगी. इसकी लंबनी 82.15 किमी होगी जिसमे 68.03 किमी का हिस्सा एलिवेडटेड और 14.12 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा. इसी अंडरग्राउंट स्ट्रेच का काम चीनी कंपनी को दिया गया है. Also Read - LAC पर भारतीय सेना की जासूसी कर रही है PLA, अधिकारियों को दी गई जानकारी