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दिल्ली के बाशिंदों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली अब दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं रहा। दिल्ली प्रदूषण के मामले में न सिर्फ पहले स्थान से खिसका बल्कि 103 देशों के 3000 शहरों में 11वें स्थान पर आ गया है। यह स्थान पीएम 2.5 के आधार पर है। पीएम 10 के आधार पर दिल्ली 25वें स्थान पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को शहरी वायु गुणवत्ता का एक डाटाबेस जारी किया है। इस रिपोर्ट में ईरान के ज़बोल शहर को सबसे प्रदूषित माना गया है। भारत के इलाहाबाद और ग्वालियर शहर दुनिया में प्रदूषण के मामले में क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। यह भी पढ़ेंः स्मार्ट बनेगा इलाहाबाद, अमेरिका करेगा सहयोग Also Read - देश में 34 फीसद लोग नहीं करते पर्याप्त व्यायाम: WHO

शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 10 शहर

WHO की रिपोर्ट में 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 10 भारत के ही हैं। यह आँकड़ा उतना चौंकाने वाला नहीं है क्योंकि 2014 के डाटाबेस में शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 13 शहर शामिल थे। इस बार पीएम 2.5 के आधार पर ग्वालियर और इलाहाबाद जैसे छोटे शहर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पटना को 6वाँ स्थान मिला है वहीं रायपुर 7वें स्थान पर है। दिल्ली ने अपने प्रदूषण स्तर में सुधार किया है वहीं अहमदाबाद का स्तर भी स्थिर रहा।

लेकिन पटना, ग्वालियर और इलाहाबाद की स्थिति चिंताजनक है। ये आंकड़ें पीएम 2.5 स्तर के हैं। उल्लेखनीय है कि पीएम 10 की अपेक्षा पीएम 2.5 स्वास्थ्य पर ज्यादा बुरे असर डालता है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का पीएम 2.5 का स्तर अभी भी भारत के स्टैंडर्ड मानकों से तीन गुना ज्यादा और WHO के मानकों से 12 गुना ज्यादा है।

ऑड-इवेन फार्मूले का दिखने लगा असर

दिल्ली को पिछले साल दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया था। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक ऑड-इवेन स्कीम चलाई जिसका असर अब दिखने लगा है। यह स्कीम दिल्ली में दो चरणों में चलाई गई। पहली बार 1 जनवरी से 15 जनवरी तक और फिर 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक। इस स्कीम के अंतर्गत ऑड तारीख को ऑड नंबर की कार और इवेन तारीख को इवेन नंबर की कार से सफर करने की अनुमति होती है। इस योजना से प्रदूषण की समस्या के साथ-साथ दिल्ली को जाम से निजात मिली थी। यह भी पढ़ेंः दिल्ली में सम-विषम नंबर योजना का पहले दिन खुले दिल से स्वागत