नई दिल्लीः कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने अपनी मुहिम शुरू कर दी है. देश के कई राज्यों में लॉकडाउन और कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है. राजधानी दिल्ली में वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए कर्फ्यू घोषित किया गया है और सीएम केजरीवाल ने कहा है कि जो भी इसका पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसी के मद्देनजर प्रशासन ने मंगलवार की सुबह शाहीन बाग को खाली कराने की कार्रवाई की. Also Read - Covid-19 की वजह से स्थिति बिगड़ने पर रद्द हो सकता है ओलंपिक: अधिकारी

प्रदर्शन स्थल को खाली कराने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारी सुबह पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे और वहां मौजूद लोगों को समझाया और अपील की वह इस जगह को खाली कर दें. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहां लगे टेंट को हटा दिया और प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. Also Read - साउथ अफ्रीका ने भी Johnson & Johnson कोविड Vaccine के इस्तेमाल पर लगाई रोक

इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी मौजूद रहे. प्रदर्शनकारी दोबारा यहां न जुटे इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. आपको बता दें कि पूरा देश कोरोना की चपेट में है और सरकार लगातार कड़े ऐहतियात बरतने को कह रही है लेकिन शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी प्रोटेस्ट खत्म करने को राजी ही नहीं थे.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश और राजधानी में जो हालात बने हुए हैं उसके कारण हमने इसे खाली कराने का निर्णय लिया ताकि वायरस के संक्रमण को रोका जा सके. अधिकारियों ने कहा कि हमनें लोगों को समझाया कि वह अपने अपने घर चले जाएं क्योंकि यहां कोरोना का खतरा है.

आपको बता दें कि संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी जैसे कानून को लेकर शाहीन बाग में 15 दिसंबर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था. कोरोना  के खतरे के बाद भी लोग प्रदर्शन स्थल को खाली करने को तैयार नहीं थे. इस समय पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू है जबकि सात जिलों को लॉकडाउन किया गया है.