नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 11 विधायकों को आरोपी बनाया गया है. अंशु प्रकाश के साथ 19 फरवरी 2018 को केजरीवाल के आवास पर मारपीट की गई थी. इस मामले में सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और केजरीवाल के पूर्व सलाहकार वीके जैन से पूछताछ की गई थी जबकि दो विधायकों को गिरफ्तार किया गया था.

25 अगस्त को अगली सुनवाई

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट इस मामले में 25 अगस्त को अगली सुनवाई करेगी. मामला इसी साल 19 फरवरी का है जब मुख्यमंत्री के घर पर बैठक के दौरान अंशु प्रकाश से कथित रूप से मारपीट की गई थी. अंशु प्रकाश को देर रात बैठक के लिए केजरीवाल के आवास पर बुलाया गया था. आरोप है कि यहां उनके साथ केजरीवाल की मौजूदगी में मारपीट की गई. इस मामले में दो विधायकों की गिरफ्तारी भी हुई थी.

चीफ सेक्रेटरी ने बताया क्या-क्या हुआ था उस रात केजरीवाल के घर पर, FIR दर्ज

इस बैठक में केजरीवाल के अलावा उनके पूर्व सलाहकार वीके जैन और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे. इस मामले में पुलिस ने आप विधायक अमानतुल्लाह खान, प्रकाश जरवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इन दोनों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भी भेजा गया था. इनके खिलाफ सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज हुआ था.

19 फरवरी को हुई मारपीट

अंशु प्रकाश ने दिल्ली पुलिस से कथित मारपीट मामले की शिकायत की थी. उन्होंने अपनी शिकायत में उस रात की पूरी घटना का विवरण दिया थी. उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ आप विधायकों ने बदसलूकी और मारपीट की. इस घटना के बाद आईएएस, दानिक्स और अधीनस्थ सेवा कर्मचारी संघ काम नहीं करने की बात पर अड़ गया था. आप नेता-विधायक जहां मुख्य सचिव पर आरोप लगा रहे थे वहीं कर्मचारी काम के बहिष्कार पर अड़े रहे. इस मामले को लेकर अब तक आईएएस अफसरों और आप सरकार के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है. केजरीवाल और दूसरे मंत्रियों का कहना है कि अफसर कामकाज में सहयोग नहीं दे रहे हैं.