नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने जामिया-न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में मंगलवार को अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया. इसमें शरजील इमाम पर उकसाने का आरोप लगाया गया है. Also Read - दिल्ली सरकार ने अगले महीने के लिए राशन देना शुरू किया, जानिए कहां मिलेगी ये सुविधा

दिल्ली पुलिस ने पिछले वर्ष जामिया मिल्लिया इस्लामिया के निकट न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से संबंधित एक मामले में 17 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया. पुलिस ने आरोप पत्र में शरजील इमाम का नाम एक उकसाने वाले व्यक्ति के रूप में लिया है. Also Read - भारत में लॉकडाउन! दिल्ली पुलिस ने लोगों को चेताया, भूलकर भी न खोलें ये वेबसाइट, नहीं तो...

आरोपियों के खिलाफ दंगा, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश और आईपीसी के तहत अन्य अपराधों में आरोप लगाए गए हैं. मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर की अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया. अदालत ने इमाम को तीन मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. Also Read - लड़की को ‘कोरोना वायरस’ कहकर भागा था, पुलिस ने CCTV में खोज कर किया अरेस्ट, गया जेल

इमाम की हिरासत अवधि मंगलवार को खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया था. अदालत सूत्रों ने बताया कि गत 15 दिसंबर को हुई हिंसा के एक आरोपी ने आरोप लगाया था कि इमाम के भाषणों ने उसे उकसाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था.

शरजील इमाम को 28 जनवरी जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में शरजील इमाम को 28 जनवरी को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था. इमाम के खिलाफ 26 जनवरी को देशद्रोह और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया था.

100 से अधिक गवाहों के बयान
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर की अदालत में आरोपपत्र दायर करते हुए पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स और 100 से अधिक गवाहों के बयान बतौर प्रमाण संलग्न किए गए हैं.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया कि क्या वह उन अधिकारियों के खिलाफ जांच कर रही है, जो पिछले साल 15 दिसंबर को सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कथित तौर पर घुसे थे और छात्रों पर लाठीचार्ज किया था.

दिल्ली की अदालत ने जामिया हिंसा की जांच को लेकर पुलिस से मांगी रिपोर्ट
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने जांच अधिकारी को नोटिस जारी किया और 25 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा मामले की जांच कर रही है. अदालत ने प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास हिंसा से जुड़े मामले में मौजूदा जांच को लेकर दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

4 बसों, 100 निजी वाहनों और 10 बाइकों में तोड़फोड़ की गई थी
पिछले साल 15 दिसंबर को इलाके में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया था. डीटीसी की चार बसें, 100 निजी वाहनों और पुलिस की 10 बाइकों में तोडफोड़ की गई थी. प्रदर्शनकारियों ने चार बसों और पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी थी.

भड़की हिंसा के दौरान करीब 60 लोग घायल हुए थे
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भड़की हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चार बसों और पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी थी. छात्रों, पुलिस कर्मियों और दमकल कर्मियों सहित करीब 60 लोग घायल हुए थे.पुलिस भी विश्वविद्यालय परिसर में घुसी थी और कथित तौर पर छात्रों पर हमला किया था.

 

मोहम्मद फुरकान के बयान के हवाला आरोप पत्र में  
प्रदर्शनकारियों में से एक मोहम्मद फुरकान के बयान के हवाले से पुलिस ने आरोप पत्र में कहा, ”सीएए के विरोध और जामिया में दंगों की हिंसक घटनाओं के कारण हालात काफी नाजुक थे.” इसमें कहा गया है, ‘‘उस दिन शरजील इमाम ने सीएए के खिलाफ उकसाने वाले भाषण भी दिए थे और इस कारण वह (फुरकान) और उसके साथी उन्मादी और विरोध में शामिल हुए थे.”

इमाम की भूमिका की विस्तृत जांच की जाएगी
पुलिस ने बताया कि इस खुलासे के मद्देनजर पूरक आरोप पत्र के दौरान इमाम की भूमिका की विस्तृत जांच की जाएगी. फुरकान (26) को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में गिरफ्तार किया गया है. आरोप पत्र में कहा गया है कि उसकी भूमिका और मामले के अन्य पहलूओं का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.

– धारा 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगे), 149 (गैर कानूनी ढंग से इकट्टा होना), 186 (लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना) और 120-बी (आपराधिक साजिश) समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर

– आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं.

– अब तक इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
– 17 लोगों में से नौ न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जबकि आठ जामिया क्षेत्र के है

– आरोपपत्र के साथ सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स और 100 से अधिक गवाहों के बयान बतौर प्रमाण संलग्न
-पुलिस के अनुसार इस हिंसा में 95 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 47 पुलिस अधिकारी थे
-पुलिस ने कहा कि दंगों के दौरान छह बसों और तीन निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.