नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार रात को छात्रों तथा शिक्षकों पर अज्ञात लोगों के हमले के बाद मंगलावर को दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के खिलाफ एफाईआर दर्ज की है. हालांकि पुलिस ने आइशी घोष समेत कम से कम आठ अन्य लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय के सर्वर रूम में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. Also Read - Covid19: मास्‍क को लेकर इस कपल ने दिल्‍ली पुलिस के जवानों से की थी बदतमीजी, अब हुआ ये हाल

बता दें कि नकाबपोशों द्वारा किए गए हमले में घायल हुए 34 लोगों में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल हैं जिन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी. वहीं पुलिस ने जिस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है वह हिंसा से पहले 4 जनवरी का है. Also Read - Delhi: दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, छह अपराधियों को गिरफ्तार किया

दरअसल जेएनयू में फीस बढ़ोत्तरी को लेकर विरोध कर रहे छात्रों ने परीक्षा का भी बहिष्कार किया था, इसके बाद प्रशासन की ओर से दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई. जेएनयू छात्रसंघ लगातार इसका भी विरोध कर रहा था. बता दें कि ये दाखिला प्रक्रिया जेएनयू के सर्वर रूम से की जाती है. आरोप है कि शनिवार को जेएनयू छात्र संघ ने सर्वर रूम को लॉक कर दिया था. Also Read - बहू को पाने के लिए ससुर ने पार की दीवानगी की हद, पिता के इश्क की कारगुजारियां बेटे ने देख लीं, फिर

जेएनयू प्रशासन ने शनिवार को बयान जारी करके कहा था कि कुछ छात्रों ने मास्क पहनकर सर्वर रूम पर कब्जा कर लिया था और तकनीकी स्टाफ को बंधक बना लिया था. इसी मामले में आइशी घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.