नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर झड़प के दौरान सोमवार को दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्‍स्टेबल रतन लाल Head Constable Rattan Lal की जान चली गई. इस दुखद हादसे एक पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. शहीद पुलिसकर्मी के परिवार में पत्‍नी, दो दो बेटियां और एक बेटा बिलखते हुए पीछे रह गए हैं. Also Read - Nargis-Sunil Dutt Love Story: सुनील दत्त की लाई साड़ियां नहीं पहनती थीं नरगिस, डॉक्टर ने दी थी मारने की सलाह

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हेड कॉन्‍स्टेबल रतन लाल (42) सहायक पुलिस आयुक्त, गोकलपुरी के कार्यालय office of ACP/Gokalpuri में तैनात थे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी बताया कि शहीद हेड कांस्टेबल रतनलाल उनके पीछे पत्‍नी, दो बेटियां और एक बेटा है. Also Read - Delhi: 2KM कोरोना मरीज को ले जाने के लिए मांगे 8500, पुलिस ने गिरफ्तार किया एंबुलेंस ड्राइवर

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर किए गए पथराव में वह घायल हो गए थे. रतन लाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले थे और 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्‍स्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे. उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है. Also Read - Covid-19: देश के इन 10 राज्‍यों में कोरोना वायरस संक्रमण से 77 फीसदी हुईं नई मौतें

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाल के निधन पर दुख जताया और राष्ट्रीय राजधानी में शांति का आह्वान किया. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ” पुलिस हेड कॉन्‍स्टेबल की मौत बेहद दुःखदाई है. वो भी हम सब में से एक थे. कृपया हिंसा त्याग दीजिए. इस से किसी का फ़ायदा नहीं. शांति से ही सभी समस्याओं का हल निकलेगा.” अधिकारी ने बताया कि झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध और समर्थन करने वाले समूहों के बीच झड़पों के एक दिन बाद सोमवार को कई गाड़ियों, दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई. जीटीबी अस्पताल के अधिकारी ने बताया क‍ि  जाफराबाद में एक हिंसक विरोध.