नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली के दौरान उपद्रवियों द्वारा जमकर हिंसा की गई और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई साथ ही लाल किले पर निशान साहिब और किसान संगठनों का झंडा लगा दिया था. इसके बाद गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का आदेश दिया. Also Read - कम की गई केजरीवाल की सुरक्षा, हटाए गए दिल्ली पुलिस के कमांडो? जानिए क्या बोला गृह मंत्रालय

ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के आरोपी कहीं चोरी चुपके विदेश न भाग जाए इस आशंका को देखते हुए गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने इमिग्रेशन की मदद से कुछ किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है. दिल्ली पुलिस के बयान के मुताबिक नेताओं के पासपोर्ट भी जब्त किए जाएंगे. Also Read - Emotional Story: 'अस्पताल' शब्द का कमाल, परिवार से मिला बिछड़ा दिव्यांग

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने हिंसा के लिए मेधा पाटकर, दर्शन पाल, राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, बूटा सिंह, राजिंदर सिंह और बलबीर सिंह राजेवाल सहित अन्य 37 किसान नेताओं पर FIR दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि तय मार्ग पर Also Read - पूर्व IFS अधिकारी ने खुद को मारी गोली! कई देशों में रह चुके हैं भारत के राजदूत

26 जनवरी को हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा अबतक 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में बताया था कि इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.