नई दिल्ली: निजामुद्दीन स्थित मरकज तबलीगी जमात मुख्यालय मामले में बुधवार से शुरू छापामारी गुरुवार देर रात तक जारी रही. दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापे मारे. कई संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है. हालांकि इस पर फिलहाल दिल्ली पुलिस मुंह खोलने को राजी नहीं है. उधर सूत्र बताते हैं कि, एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे मौलाना मो. साद कंधावली को दिल्ली पुलिस ने पूछताछ का नोटिस थमा दिया है. यह नोटिस मौलाना को सीधे तो नहीं पहुंच पाया है. पुलिस सूत्रों के ही मुताबिक, मौलाना के बेहद करीबी और एफआईआर में नामजद दूसरे आरोपी के जरिए भेजा गया है. Also Read - देश के 19 राज्‍यों में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर राष्‍ट्रीय औसत से बेहतर: केंद्र

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, “गुरुवार को उन सभी संभावित इलाकों में और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहर भी वांछितों को तलाशा गया है. एफआईआर में नामजद मरकज तबलीगी जमात मुख्यालय प्रमुख मौ. साद कंधावली के बारे में काफी कुछ सुराग मिले हैं. उम्मीद है वे जल्दी ही दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के सामने होंगे.” Also Read - Punjab Lockdown Extension News: जमावड़े पर लगी रोक, शादी समारोह में केवल इतने लोग होंगे शामिल

दूसरी ओर गुरुवार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा कसे गए शिकंजे का ही परिणाम था कि, दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा इलाके से पुलिस ने दो उन कोरोना संदिग्धों को दबोच लिया, जो तबलीगी जमात पहुंचे थे. डीसीपी ग्रेटर नोएडा (जोन-तीन) राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार देर रात बताया, “गिरफ्तार दोनो आरोपी मो. आजम और दानिश खान ने कबूला भी है कि, वे 11 और साथियों के साथ तबलीगी हेडक्वार्टर से गायब हुए थे. छिपने के लिए सब राजस्थान के अलवर पहुंचे. वहां पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया. आजम और दानिश वहां से बच निकले थे. इनके साथ भागे हुए तीन अन्य लोगों के गाजियाबाद में छिपे होने की संभावना है.” Also Read - PM मोदी ने सुंदर पिचाई से की वीसी, गूगल भारत में 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा सूत्रों के मुताबिक, “फरार मौलाना मो साद को नोटिस सर्व कराया जा चुका है. मौलाना फिलहाल फरार हैं. यह नोटिस उन्हें ब-जरिये उन्हीं के खास भिजवाया गया है. नोटिस के जरिये कहा गया है कि, वे जल्दी से जल्दी पुलिस जांच में शामिल हों.” इसके बारे में एक समाचार एजेंसी ने कल तक मौलाना साद के कुछ करीबियों से बातचीत भी की. उन्होंने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, “मौलाना साद भागे कहीं नहीं हैं. वक्त रहने पर वे खुलकर सामने आयेंगे. सब बातें बतायेंगे. साद साहब के न मिलने पर पुलिस से मिला नोटिस साद साहब के करीबी और एफआईआर में नामजद दूसरे खास शख्स को रिसीव करा दिया गया है.”

जमात और दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, “जिस वांछित आरोपियों में से एक को मौलाना साद के नाम भेजा गया पुलिस नोटिस दिया गया है, वो इस वक्त खुद भी तुलगकाबाद स्कूल में बनाए गए कोरंटाइन होम में एहतियातन रखा गया है.” एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही 6-7 आरोपियों में से अधिकांश फरार बताए जाते हैं. एफआईआर में नामजद जमात के अधिकांश वे पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल हैं, जो 23-24 मार्च को निजामुद्दीन थाने में बनाए गए और फिर वायरल हुए एसएचओ इंस्पेक्टर मुकेश वालिया के साथ मीटिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा सूत्रों के मुताबिक, “जिन जिन फरार या गायब हुए तबलीगी यात्रियों के बारे में स्पेशल ब्रांच से पता चला है, उनमें से भी गुरुवार को कई से पूछताछ की गयी. समस्या यह आ रही है कि, इनमें से अधिकांश को कोरंटाइन करके रखा गया है. लिहाजा उनसे पूछताछ में अभी और समय लगेगा. क्योंकि जब तक स्वास्थ्य विभाग इजाजत नहीं देगा, दिल्ली में मिल चुके 160 विदेशी तबलीगी यात्रियों से भी पूछताछ तकरीबन असंभव है.”