नई दिल्ली: पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष (Chairperson of Delhi Commission for Women) स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) से जंतर मंतर परिसर को खाली करने का अनुरोध किया. पुलिस ने एक स्थायी आदेश का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया, जिसमें कहा गया है कि शाम पांच बजे के बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पर पाबंदी है. हाल में हुई बलात्कार की घटनाओं के विरोध में मालीवाल जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठी हैं. पुलिस द्वारा बार-बार विरोध को खत्म करने की मांग को मालीवाल और उनके समर्थकों ने ठुकरा दिया.

मालीवाल ने कहा, “दिल्ली पुलिस नियम बता रही है कि कोई यहां शाम पांच बजे के बाद कार्यक्रम नहीं कर सकता. पिछले साल मेरे आमरण अनशन के दसवें दिन एक कानून बनाया गया था जिसके तहत बच्चों के साथ बलात्कार करने वालों को छह महीने के भीतर मौत की सजा का प्रावधान था. वह कानून लागू नहीं किया जा रहा है. वे किस नियम की बात कर रहे हैं?”

मालीवाल ने कहा कि वह मांग पूरी किए जाने तक विरोध जारी रखेंगी. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर बलात्कार करने वालों को छह महीने के भीतर फांसी देने की मांग की है. मालीवाल ने कहा, दिल्ली पुलिस चाहती है कि मैं ठंड में रहूं और यहां टेंट या माइक के भी कोई इंतजाम नहीं हैं. वो चाहते हैं कि मुझे तकलीफ हो और मुझे अपराधी दिखाना चाहते हैं. उन्हें जो करना है करें. मैं किसी के साथ झगड़ा नहीं करना चाहती. मेरी भूख हड़ताल जंतर मंतर पर जारी रहेगी. स्थायी आदेश के अनुसार जंतर मंतर पर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति है.

(इनपुट-भाषा)