नई दिल्ली: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग और सीएए व एनआरसी के खिलाफ अपने विरोध को और मुखर बनाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर जा रहे सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया. इनकी मांग है कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को बिना शर्त रिहा किया जाए और सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर को वापस लिया जाए.

इस मार्च में हिस्सा ले रहे प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ बांध रखे थे, ताकि उन पर इस प्रदर्शन के दौरान हिंसा एवं आगजनी के आरोप नहीं लगाए जा सके.

भीम आर्मी के सदस्यों समेत इन प्रदर्शनकारियों ने जोरबाग के जोर शाहे मरदान करबला से अपना मार्च शुरू किया. पुलिस ने उन्हें लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास से कुछ किलोमीटर पहले रोक दिया.

एक समूह ने जोर बाग के निकट दरगाह शाह मर्दान के निकट से प्रधानमंत्री के आवास तक प्रदर्शन मार्च निकाला. इनकी मांग है कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को बिना शर्त रिहा किया जाए और सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर को वापस लिया जाए.

पैरामिलिट्री की 15 कंपनियां तैनात, ड्रोन से नजर
उत्तरपूर्वी दिल्ली में कानून व्यवस्था को कायम करने के लिए नजदीकी जिलों से बुलाए गए पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों को तैनात किया गया है.

– हालात पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस ड्रोन की मदद भी ले रही है.
– जामिया नगर, जामा मस्जिद और चाणक्यपुरी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है
– हिंसक प्रदर्शन के बाद से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगी हुई है.
– दिल्ली पुलिस ने हिंसा प्रभावित इलाकों में बैनर लगाए हैं
– पुलिस ने लोगों से कहा है कि निषेधाज्ञा लगी होने के कारण वह यूपी भवन के बाहर प्रदर्शन न करें
– कुछ स्थानों पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है