
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Delhi Car Ban: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद राजधानी में सांस लेना दूभर हो गया है. प्रदूषण की इस भयावह स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया है.
GRAP-4 लागू होने का सीधा मतलब है कि अब सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को लेकर बेहद कड़े नियम लागू हो गए हैं. यदि आप दिल्ली में रहते हैं या बाहर से अपनी गाड़ी लेकर आने का प्लान बना रहे हैं, तो नियमों की यह जानकारी आपके लिए अनिवार्य है.
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने वाहनों के परिचालन पर सख्त पाबंदियां लगाई हैं. सबसे बड़ा बदलाव डीजल वाहनों और पुराने इंजन मानकों वाली गाड़ियों को लेकर किया गया है. दिल्ली के बाहर (जैसे यूपी, हरियाणा, राजस्थान) पंजीकृत केवल उन्हीं गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश मिलेगा जो BS-6 मानकों वाली हैं.
दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड BS-2, BS-3 और BS-4 श्रेणी की सभी कारों, टैक्सियों और कमर्शियल वाहनों (पेट्रोल-डीजल या CNG) के प्रवेश पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
अंतर्राज्यीय बसों में से अधिकतर डीजल की BS-4 श्रेणी की हैं, जिन्हें अब दिल्ली की सीमा में घुसने नहीं दिया जा रहा है. केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या BS-6 डीजल बसों को ही अनुमति है. आवश्यक वस्तुओं (जैसे दूध, सब्जियां, दवाएं) को लाने वाले ट्रकों और इलेक्ट्रिक/CNG ट्रकों को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है.
अगर आपकी गाड़ी दिल्ली की ही है, तब भी आपको ईंधन भरवाने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज की जरूरत होगी. दिल्ली सरकार ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति को सख्ती से लागू किया है. बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा.
पर्यावरण मंत्री के अनुसार, दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर विशेष कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करके तुरंत पहचान कर लेंगे कि गाड़ी का पीयूसी वैध है या नहीं. यदि प्रमाणपत्र एक्सपायर हो चुका है, तो सिस्टम ईंधन देने से इनकार कर देगा. अब तक करीब आठ लाख वाहन मालिकों पर वैध पीयूसी न होने के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है. नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये तक के चालान का प्रावधान है.
नियम सिर्फ बॉर्डर तक सीमित नहीं हैं. दिल्ली के भीतर चल रही दूसरे राज्यों की गाड़ियों की भी गहन जांच की जा रही है. यदि कोई गाड़ी प्रतिबंधित श्रेणी (जैसे पुरानी डीजल कार) की पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन वाहनों को सड़क से हटाना है जो सबसे ज्यादा जहरीला धुआं छोड़ते हैं.
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