नई दिल्ली: दिल्ली की एक निजी प्रयोगशाला ने कोविड-19 के इलाज में भारत के स्वदेशी टीके कोवैक्सीन के मनुष्यों पर परीक्षण के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला के तौर पर चयनित होने का दावा किया है. भारत बायोटेक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर इस टीका का निर्माण कर रहा है. डॉ. डैंग्स लैब ने बुधवार को कहा कि उसने मनुष्यों पर इस टीके के परीक्षण के लिए भारत बायोटेक के साथ साझेदारी की है. Also Read - Corona Cases in UP: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से और 312 मरीजों की मौत, 15,747 नये मामले

उसने एक बयान में कहा, ‘‘हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि डॉ. डैंग्स लैब, नयी दिल्ली को भारत बायोटेक द्वारा बनाए जा रहे भारत के स्वदेशी कोविड-19 टीके कोवैक्सीन के मनुष्यों पर क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला के तौर पर चयनित होकर देश की सेवा करने का अवसर दिया गया है. भारत बायोटेक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह टीका बना रहा है.’’ Also Read - Viral Video:'लव यू जिंदगी' सुनते-सुनते कोरोना से हार गई ये युवा मां, हजारों दुआओं...

बयान में कहा गया है, ‘‘डॉ. डैंग्स लैब अभी इस क्लिनिकल ट्रायल के विभिन्न चरणों के लिए जांच और सुरक्षा के वास्ते सभी नमूने हासिल कर रहा है.’’ उसने बताया कि लैब को सुरक्षा जांच के लिए विभिन्न जगहों से हर दिन 50 से 100 विषयों के नमूने मिल रहे हैं. Also Read - Kerala Lockdown Extension News: केरल में फिर बढ़ा लॉकडाउन, अब 23 मई तक तालाबंदी

बयान के अनुसार, ‘‘नियामक अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है. लैब के पास हर क्षेत्र में प्रख्यात विशेषज्ञ हैं जो प्रभावी और सुरक्षित कोविड-19 टीके की तत्काल जरूरत को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्वक और समय रहते नतीजे देने के वास्ते निरंतर और मिलकर काम कर रहे हैं.’’

(इनपुटः भाषा)