मुंबई। नए साल के जश्न को देखते हुए महाराष्ट्र की निकाय संस्था ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे टीमों का गठन कर यह सुनिश्चित करें कि सभी रेस्त्रों में आग लगने से बचने के मानकों का पालन किया जा रहा है. वहीं दिल्ली में चीफ फायर ऑफिसर के बयान ने चिंता की लकीरें गहरा दी हैं. चीफ फायर ऑफिसर जीसी मिश्रा ने कहा है कि दिल्ली में 5 हजार से भी अधिक रेस्टोरेंट्स हैं लेकिन ढेरों ऐसे रेस्टोरेंट्स हैं जिसनें 48 सीटें बताई गई हैं. नेशनल बिल्डिंग कोड के मुताबिक सिर्फ 50 से अधिक संख्या वाले रेस्टोरेंट्स को ही फायर ब्रिगेड से एनओसी लेनी होती है.

जीसी मिश्रा ने कहा कि हौज खास, खान मार्केट, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन जैसे सघन इलाकों में ढेर सारे रेस्टोरेंट्स और पब्स हैं. यहां बीते सालों में इनकी बाढ़ सी आ गई है लेकिन 48 सीटों की वजह से इनमें से बहुत ही कम के पास फायर विभाग का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) है. जानकारी मिली है कि दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास विलेज में 40 से भी अधिक रेस्टोरेंट्स और पब्स हैं लेकिन इनमें से एनओसी सिर्फ 3 के पास ही हैं. खान मार्केट में 4, कनॉट प्लेस में 114 ने ही एनओसी ले रखी है.

फायर विभाग ने बताया है कि हमारे पास तीनों एमसीडी (पूर्वी, उत्तर, दक्षिण) और एनडीएमसी से एनओसी के लिए केस रेफर किए जाते हैं. हम उसी पर काम करते हैं. बता दें कि मुंबई के कमला मिल कम्पाउंड में आग हादसे से 14 मौतों के बाद देशभर में अवैध रेस्टोरेंट्स और बार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. मुंबई में निकाय प्रमुख अजय मेहता ने सभी सहायक नगरपालिका आयुक्तों एवं बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के उपायुक्तों को भेजे अपने संदेश में कहा कि सभी क्षेत्रीय उपायुक्त एवं वार्ड अधिकारियों से अनुरोध किया जाता है कि वे भवन एवं फैक्टरी विभागों के कर्मचारियों, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं दमकल विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर एक टीम का गठन करें. 

Investigation is going in Kamala Mill compound Fire tragedy | मुंबईः टेंडर के स्टंट दिखाने के दौरान बार में भड़की थी आग?

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संदेश में कहा गया है कि यह दल सभी रेस्त्रों में अपने संबंधित वार्डों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि वहां आग लगने से बचने के पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं. इसमें कहा गया है कि परिसरों में आग लगने से बचने के लिये मार्ग, सीढ़ियां होनी चाहिए और यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि वहां खुली जगह अतिक्रमण से मुक्त हो. शुक्रवार तड़के लोअर परेल में सेनापति बापट मार्ग स्थित कमला मिल्स परिसर में एक इमारत की छत पर स्थित ‘1 अबॉव’ पब में भयंकर आग लग जाने से 14 लोगों की मौत हो गयी थी और 21 अन्य घायल हो गये थे. मरने वालों में 11 महिलाएं शामिल थीं और अधिकतर की मौत दम घुटने के कारण हुई थी.

मुंबई निकाय संस्था ने जी-साउथ वार्ड से संबद्ध कर्मचारियों सहित पांच अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण कल निलंबित कर दिया था. मुंबई के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर ने कहा था कि इस संबंध में जांच के आदेश दे दिये गये हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस बीच बीएमसी में सत्ताधारी शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में आग से सुरक्षा के मुद्दे पर दुनिया भर में प्रशासनों के ढुलमुल रवैये पर खेद जताया और संपादकीय में मक्का, लंदन में हुई आग लगने की घटनाओं का भी जिक्र किया.

पार्टी ने माना कि बीते दो वर्ष में मुंबई में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसमें कहा गया है, ‘जिन जगहों पर आग लगने की घटना हुई उन परिसरों के मालिकों के साथ निकाय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की साठगांठ के नतीजतन कई लोगों की जानें गयीं, जिन पर काफी चर्चा भी हुई.’