नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों की बड़ी साजिश को लेकर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (यूएपीए) और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दिल्‍ली एक अदालत में 15 लोगों के खिलाफ बुधवार को आरोप पत्र दाखिल किया. आरोप पत्र 10,000 पृष्ठों का है. इसमें पुलिस ने 747 गवाहों के नाम शामिल किए हैं.Also Read - मुफ्त मिल रहा खाना लेने जा रही 7 साल की बच्ची से रेप, महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया

सूत्रों के मुताबिक आरोप पत्र में नामजद लोगों में ताहिर हुसैन, मोहम्मद परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास, सैफी खालिद, इशरत जहां, मीरान हैदर, सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तन्हा, शाहदाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलीता, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान शामिल हैं. Also Read - नौकरी का झांसा देकर दिल्ली में 5 लड़कियों को बेचने लगे दो लोग, पर एक लड़की की चालाकी ने बदल दी पूरी तस्वीर

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत से कहा कि इसमें सीडीआर (कॉल डेटा-रिकार्ड) और व्हाट्सऐप चैट को आधार बनाया गया है. Also Read - जामिया दंगा: जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को राहत नहीं, जमानत से कोर्ट का इनकार

आरोप पत्र 10,000 पृष्ठों का है. इसमें पुलिस ने 747 गवाहों को सूचीबद्ध किया है और उनमें से 51 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत (मजिस्ट्रेट के समक्ष) दर्ज किये गए हैं.

अंतिम रिपोर्ट यूएपीए, आईपीसी और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किये गये हैं.

पुलिस ने कहा कि उसने आरोप पत्र में साजिश का घटनाक्रम और संबद्ध घटनाओं का ब्योरा दिया है, जिन पर आने वाले दिनों में विचार होने की संभावना है.

पुलिस ने कहा, ”साक्ष्य में 24 फरवरी के व्हाट्सऐप चैट शामिल हैं, जब दंगे हुए थे. उस वक्त मुख्य षड्यंत्रकारी, दंगाइयों को इलाके में हिंसा के बारे में निर्देशित कर रहे थे. मुख्य षड्यंत्रकारी अपने लोगों के साथ सीधे संपर्क में था. ’’

पुलिस ने कहा, ”सीलमपुर-जाफराबाद इलाके में हिंसा के लिये षड्यंत्रकारियों ने व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल किया. 25 शहरों में 25 प्रदर्शन स्थल थे. 25 व्हाट्सऐप ग्रुप प्रत्येक शहर के लिये विशेष रूप से बनाये गये थे. प्रदर्शित यह किया गया कि ये स्थान संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के लिये हैं, लेकिन इन स्थानों के जरिये षड्यंत्रकारियों ने दिशा-निर्देशित किया.”

विशेष प्रकोष्ठ ने कहा कि ताहिर हुसैन, खालिद सैफी और उमर खालिद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिल्ली यात्रा के दौरान राजधानी में व्यापक हिंसा की कथित तौर पर साजिश रची थी. आरोप पत्र में पुलिस ने दावा किया है कि आठ जनवरी को ताहिर शाहीन बाग धरना स्थल पर उमर और सैफी से मिला था. जामिया में पीएफआई कार्यालय में भी इसके बाद बैठक हुई थी.

पुलिस ने कहा, ”उमर ने कथित तौर पर आश्वस्त किया था कि उसके संपर्कों (पीएफआई में) के जरिये साजो-सामान आदि उपलब्ध हो जाएगा.” इसमें कहा गया है कि जांच है और पुलिस इस विषय में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल करेगी.

बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को साम्प्रदायिक हिंसा भड़क गई थी. वहीं, सीएए समर्थकों और इसके विरोधियों के बीच हिंसा बेकाबू हो जाने पर कम से कम 53 लोग मारे गये थे और 200 अन्य घायल हुए थे.