नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में कथित तौर पर भूख से हुई तीन बच्चियों की मौत के मामले में दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है. इसमें कहा गया है कि तीनों लड़कियों के पेट खाली थे और उनके शरीर में जरा सा भी वसा नहीं पाया गया. बच्चियों के पिता का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमे गठित की गई हैं.

राजनीति हुई तेज

केंद्र सरकार ने भी तीनों बहनों की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए हैं जबकि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि गरीबी और बीमार होने के कारण मौतें हुई हैं और यह व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी है. इस घटना के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई. भाजपा और कांग्रेस इतने चौंकाने वाले मामले का ठीकरा आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर फोड़ रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी नेताओं से कह रही है कि वे इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करें.

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लड़कियों की मां को नगद राशि

कई नेताओं ने आज मृतक लड़कियों की मां से मिलकर उन्हें नगद राशि दी. वह हताश और बीमार दिख रही थीं. 24 जुलाई को घर से जाने के बाद ही इन लड़कियों के पिता वापस नहीं लौटै. उसी दिन लड़कियों की मां उन्हें अस्पताल लेकर गई थी. सिसोदिया ने समेकित बाल विकास सेवा निदेशालय से कहा कि वह इलाके में रह रहे लोगों के रिकॉर्ड रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का ब्योरा सौंपे और जवाबदेही तय करे. इस बीच , राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस जारी कर चार हफ्तों के भीतर उनसे रिपोर्ट मांगी है.

बीजेपी का आरोप

भाजपा नेताओं ने आप सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि दिल्ली में राशन घोटाला हुआ है जिसकी वजह से सब्सिडी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही. डॉक्टरों ने आज कहा कि अटॉप्सी में पता चला कि तीनों लड़कियों के पेट खाली थे और ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने एक हफ्ते से ज्यादा समय से कुछ खाया नहीं हो. पोस्टमॉर्टम मंगलवार की शाम को किया गया था और यह शाम 6:30 बजे तक पूरा हो गया था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्दनाक खुलासा

एलबीएस अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ . अमिता सक्सेना ने बताया कि मंगलवार शाम में पोस्टमार्टम हुआ. बुधवार को वे समीक्षा चाहते थे इसलिए कैमिकल टॉक्सिलोजी का भी सुझाव दिया गया. इसके बाद मेडिकल बोर्ड बनाया गया और जीटीबी अस्पताल में दूसरी बार अंत्यपरीक्षण हुआ.

पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञ किस नतीजे पर पहुंचे , इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जख्म का निशान नहीं था. यह पूरी तरह कुपोषण का मामला लगता है. शरीर में हड्डियां निकल आई थी और पेट, मूत्राशय और मलाशय पूरी तरह खाली था. हम दूसरी राय लेना चाहते थे और पूरी तरह संतुष्ट होना चाहते थे इसलिए जीटीबी अस्पताल में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया. इन बच्चों की मौत भयावह और दर्दनाक है. इस बीच , एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने तीनों लड़कियों के पिता का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई हैं.