नई दिल्ली. दक्षिण दिल्ली के किशनगढ़ में बुधवार को हुई दंपति और बेटी की हत्‍या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि दंपति के 19 साल के बेटे सूरज ने ही अपने माता-पिता और बहन की हत्‍या की है. सूरज अपने पिता से नफरत करता था. इसलिए उसने ये हत्‍याएं की. पूरे घटना का दोष वह अपने पिता पर डालना चाहता था लेकिन पुुलिस पूछताछ में मामला खुल गया. पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र ने अपने परिवार वालों की रोजाना डांट के चलते ऐसा कदम उठाया. फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया. Also Read - सीएम केजरीवाल की 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अनूठी मुहिम शुरू, राघव चड्डा लोगों के बीच पहुंचे

Also Read - अजीब है PUBG: गेम खेलने से पिता ने किया मना, तो बेटे ने रेत डाली गर्दन

पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय मिथलेस वर्मा, पत्नी सिया(40), बेटी नेहा (16) और बेटे सूरज के साथ किशनगढ़ गांव में रहते थे. वह ठेके पर इंटीरियर डेकोरेटर का काम करते थे. उनका बेटा गुडगांव के एक निजी कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग कर रहा है वहीं उनकी बेटी वसंतकुंज के एक निजी स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी. बुधवार तड़के सूरज ने अपनी बालकनी में आकर शोर मचाया कि उसके घर में चोरी के इरादे से घुसे बदमाशों ने उसके मां-बाप की हत्या कर दी है. चीख-पुकार सुनकर लोगों में हड़कंप मच गया. पड़ोसी पिंटू और अतुल ने घर का गेट खुलवाया और अंदर जाकर देखा. जहां एक कमरे में नेहा बिस्तर पर और सिया फर्श पर पड़ी थी. दोनों को चाकू से करीब 4 से 5 बार गोदा गया था. मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. सूरज ने पुलिस को बताया कि कुछ बदमाश घर में घुस आए थे और उन्होंने उसकी भी पिटाई की, जिससे वह बेहोश हो गया. इसके बाद आरोपियों ने उसके परिजनों की हत्या की और फरार हो गए. Also Read - गुरुग्राम में प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने पर 29 लोगों पर कार्रवाई, एक दिन 7.25 लाख रुपये जुर्माना लगा

संतान की चाहत में तांत्रिक के कहने पर देवरों ने भाभी की बलि चढ़ा दी

मामले को लूट का बनाने की कोशिश

पुलिस ने बताया कि सूरज ने मामले में लूट की बात कही थी लेकिन जांच में यह बात गलत साबित हुई. घर में सारा सामान तो फैला हुआ था, लेकिन तिजोरी बंद थी, उसे तोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया. दोनों मां बेटी द्वारा पहने हुए गहने व घर में रखे लोगों के मोबाइल फोन भी पुलिस को घर से ही बरामद हुए हैं. ऐसे में पुलिस को सूरज द्वारा बताई लूट की कहानी पर शक हुआ और मामला खुल गया. पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी सूरज ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

सूरज 2013 में खुद हो गया था गायब, कहा था कि हुआ अपरहण

मिथलेस वर्मा के पड़ोसी ईश्वर लाल ने बताया कि बुधवार को उनकी पत्नी ने सूरज को मदद के लिए चिल्लाते सुना था. जब वे वहां पहुंचे तो उन्हें घटना के बारे में पता चला. उन्होंने देखा की सूरज घर के गेट के आगे बैठा रो रहा था. लाल ने दावा किया कि सूरज ने शुरूआत में एक अन्य पड़ोसी पिंटू से मदद मांगी थी जो अस्पताल से लौट रहा था. सूरज के चाचा चंद्रभान ने कहा कि 2013 में सूरज को कथिततौर पर अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया था जब वह पास के बाजार से किताबें खरीदने गया था.