नई दिल्ली: दिल्ली में सीलिंग का मामला गर्म होता जा रहा है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने पहले ही चेतावनी दे रखी है कि 31 मार्च तक इस पर जनता के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे. वहीं, इसके विरोध में राज्य के व्यापारिक संगठनों ने दिल्ली बंद रखने का फैसला लिया है. दिल्ली में 100 से ज्यादा इलाकों में व्यापारी सीलिंग की शवयात्रा निकालेंगे. गांधी नगर और लक्ष्मी नगर में भी दुकानें बंद रहेंगी. जनकपुरी, तिलकनगर और शाहदरा में भी बंद का असर देखने को मिलेगा. बताया जा रहा है कि सबसे बड़ा प्रदर्शन आर्य समाज रोड पर होगा. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच: मुंबई पुलिस ने CCTV फुटेज पर कहीं ये बात, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

कैट ने बताया एकतरफा
इस मामले में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली में बहुत ज्यादा संख्या में लोग आते हैं. इसे देखते हुए मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत है. वहीं अखिल भारतीय परिसंघ (कैट) ने कहा है कि सिलिंग एकतरफ, अन्यायपुर्ण और अवैध है. दिल्ली नगर निगम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आड़ में दिल्ली नगर निगम अधिनियम-1957 के मूलभूत प्रावधानों को ताक पर रख कर इसे अंजाम दे रहा है. Also Read - Happy Birthday MS Dhoni: धोनी जैसा कोई नहीं! बर्थडे पर जानिए माही के ये न टूटने वाले Top 10 रिकॉर्ड्स

राजनीति करने का लगाया आरोप
बता दें कि सीलिंग से राहत दिलाने के लिए डीडीए ने 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया था. हरदीप सिंह पूरी ने आरोप लगाया कि सीलिंग रोकने के लिए अध्यादेश की मांग और अनशन की धमकी राजनीतिक रूप से सिर्फ एक ड्रामा है. जिन्हें समाधान के लिए काम करना चाहिए वे राजनीतिक फायदे के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं. Also Read - भारत के बाद अब अमेरिका भी चीन को ऐसे देगा तगड़ा झटका, ड्रैगन के लिए मुसीबतें बढ़ीं