नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में किसान परेड के दौरान हुई हिंसा के जवाब में अब प्रशासन और सरकार की तरफ से कार्रवाई शुरू हो गई है. आज योगी सरकार की तरफ से प्रशासन को निर्देश दिए गए कि राज्य में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाया जाए. निर्देश जारी के होने के बाद गाजीपुर डीएम ने किसानों को हाइवे और सड़कों से अपने तंबू हटाने के निर्देश दे दिए हैं. पुलिस प्रशासन के एक्शन के बाद दिल्ली और गाजीपुर वाले रोड में भारी जाम की स्थित पैदा हो गई है.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

दिल्ली गाजीपुर में बॉर्डर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. जहां एक तरफ प्रशासन की तरफ से किसानों को आंदोलन खत्म करने का अल्टीमेटम दिया गया है तो वहीं अब किसान नेता राकेश टिकैत ने सीधे तौर पर आंदोलन खत्म करने से मना कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि वह आज रात नहीं बात करेंगे बल्कि इस पूरे मुद्दे पर वह कल प्रशासन से बातचीत करेंगे. Also Read - UP Police HO Recruitment: यूपी पुलिस में हेड ऑपरेटर के पद पर आई बंपर भर्ती, आवेदन शुरू, जानें कैसे करें आवेदन

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हालांकि इस समय दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस बल की हलचल बढ़ गई है. बता दें कि यूपी पुलिस के साथ साथ दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है. गाजीपुर, सिंघू, टिकरी बॉर्डर को बंद कर दिया गया है और भारी पुलिस बल की तैनाती हुई है. गाजीपुर में प्रशासन द्वारा धारा 144 को भी लागू कर दिया गया है.

गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों को बृहस्पतिवार आधी रात तक यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया है वहीं किसान नेता राकेश टिकैत अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि वह आत्महत्या कर लेंगे लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे.

दिल्ली की सीमा से लगे यूपी गेट पर टकराव की स्थिति के बीच भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं. वहीं प्रदर्शन स्थल पर शाम में कई बार बिजली कटौती देखी गयी जहां टिकैत के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सदस्य 28 नवंबर से डटे हुए हैं. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसा को लेकर तीन किसान संगठनों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन वापस ले लिया है. इसके बाद प्रशासन ने यह “मौखिक” निर्देश दिया.

जिले के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने यूपी गेट पर डेरा डाले प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और उन्हें रात तक प्रदर्शनस्थल खाली करने को कहा. ऐसा नहीं करने पर प्रशासन उन्हें हटा देगा.

हालांकि, बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने इस कदम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की निंदा की. टिकैत ने पीटीआई को भेजे एक संदेश में कहा, “मैं आत्महत्या कर लूंगा लेकिन तब तक आंदोलन समाप्त नहीं करूंगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर दिया जाता.” अपनी जान को खतरा होने का दावा करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर सशस्त्र गुंडों को भेजा गया था.