Delhi Vidhan sabha Election Result 2020:
नई दिल्‍ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपने विवादित बयानों से चर्चांओं में आए पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने चुनाव नतीजों को स्‍वीकार करते हुए कहा है, मैं परिणामों को स्‍वीकार करता हूूं. हम अगले चुनाव में कड़ी मेहनत करेंगे और एक बेहतर परिणाम देंगे. यदि यह चुनाव शिक्षा और विकास पर लड़ा गया तो शिक्षा मंत्री (मनीष सिसौदिया) तो पीछे नहीं होते. हालाकि, ताजा रुझानों में सिसौदिया आगे हो गए हैं. Also Read - Delhi Corona Updates: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों-बेसहारा बुजुर्गों की मदद करेगी दिल्ली सरकार- जानें केजरीवाल ने क्या की घोषणा...

बता दें कि चुनाव आयोग विवादित बयान के लिए भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहने पर भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा को प्रतिबंधित कर दिया था. Also Read - Oxygen issue : बीजेपी ने पूछा, दिल्‍ली सरकार क्‍यों सोचती हैं कि केंद्र भेदभाव कर रहा है?

आयोग ने विवादित बयान देने के मामले में पिछले सप्ताह ही वर्मा को 96 घंटे तक प्रचार करने से प्रतिबंधित किया था. आयोग ने 30 जनवरी को जारी कारण बताओ नोटिस पर वर्मा का जवाब मिलने के बाद उन्हें एक दिन के लिये प्रचार करने से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की थी. भाजपा सांसद वर्मा ने 31 जनवरी को भेजे अपने जवाब में कहा कि एक साक्षात्कार में उनके द्वारा केजरीवाल को आतंकवादी कहे जाने के आरोप गलत है. उन्होंने कहा कि एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्‍यू में उनके बयान को सही तरीके से पेश नहीं किया गया. आयोग ने इस इंटरव्‍यू के वीडियो का फिर से परीक्षण करने के बाद वर्मा की दलील को गलत करार देते हुये उनके बयान की निंदा की थी. Also Read - HC ने दिल्‍ली सरकार से पूछा, क्या AAP MLA इमरान हुसैन को ‘रिफिलर’के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई?

आयोग ने कहा कि वर्मा को एक जनसभा में विवादित बयान से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर 30 जनवरी को ही 96 घंटे के लिए प्रचार करने से प्रतिबंधित किया था और इसके बाद वर्मा ने आचार संहिता के उल्लंघन की पुनरावृत्ति की थी . आयोग ने इसकी निंदा करते हुए वर्मा को पांच फरवरी को शाम छह बजे से 24 घंटे तक कोई जनसभा, रोड शो और साक्षात्कार आदि के माध्यम से प्रचार करने से रोक दिया था.